डुमरी (गुमला):डुमरी स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में रविवार को शिवगुरु परिचर्चा का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में रांची से पधारे प्रसिद्ध शिवगुरु अनुयायी एवं मुख्य वक्ता संतोष पंडित सहित अनेक गुरुभाई एवं गुरुबहीनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला।
परिचर्चा से पूर्व सभी अतिथियों एवं शिवगुरु अनुयायियों ने बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात सभी गुरुजन दुर्गा मंदिर प्रांगण पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
मुख्य वक्ता संतोष पंडित ने शिवगुरु की महिमा, उनके सिद्धांतों तथा मानव जीवन में गुरु की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवगुरु का मार्ग सत्य, सेवा और सद्भाव का मार्ग है, जिसे अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने आपसी भाईचारे, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
परिचर्चा के दौरान अन्य गुरुभाई एवं गुरुबहीनों ने भी अपने अनुभव साझा किए और शिवगुरु परंपरा से जुड़ी प्रेरणादायी बातें श्रद्धालुओं के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष एवं युवा वर्ग ने भाग लिया और पूरे श्रद्धाभाव से प्रवचनों को सुना।
कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ परिचर्चा का समापन हुआ। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय शिवगुरु अनुयायियों एवं दुर्गा मंदिर समिति का सराहनीय योगदान रहा। क्षेत्रवासियों ने ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
डुमरी से आदित्य कुमार की रिपोर्ट



