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चैनपुर (गुमला): चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लापरवाही और संवेदनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ. प्रभात कुमार पर ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में रहने तथा मरीजों एवं पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और मामले को लेकर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 को दो घायल युवकों को उपचार के लिए चैनपुर अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रभात कुमार नशे की हालत में थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकित्सक ने घायलों एवं उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया। वहीं, घटना की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी कथित रूप से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। यह मामला 21 जून को समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक होने के बाद चर्चा का विषय बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चैनपुर के सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा ने कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद खलखो के साथ गुमला के सिविल सर्जन को पत्र भेजकर आरोपी चिकित्सक के विरुद्ध तत्काल विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। सिविल सर्जन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि चैनपुर अस्पताल से समय-समय पर लापरवाही और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे आम लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हो रहा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि भय और अव्यवस्था के माहौल में मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा मिलना कठिन हो जाता है। मामले की जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र की प्रतिलिपि लोहरदगा-गुमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत, उपायुक्त गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी चैनपुर तथा प्रभारी चिकित्सक चैनपुर को भी भेजी गई है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, शिकायतकर्ताओं ने समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

