चैनपुर (गुमला): चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान कथित स्वास्थ्य विभागीय लापरवाही के बीच 15 वर्षीय छात्रा शिवानी कुमारी की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मृतका प्रेमनगर निवासी राजकुमार लोहरा की पुत्री थी और लुथरन स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा थी। बुधवार को घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने की तैयारी के दौरान शिवानी को अचानक तेज सिरदर्द और उल्टी होने लगी। गंभीर स्थिति में उसे तत्काल चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि उस समय सरकारी एंबुलेंस और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे समय पर बेहतर इलाज नहीं मिल सका और रास्ते में उसकी मौत हो गई।

अस्पताल परिसर में बिलखती मां राजमुनी ने कहा कि उनकी बेटी को समय पर एंबुलेंस और ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने भावुक होकर कहा, “जो दर्द मैंने झेला, वह किसी और मां को न झेलना पड़े।” उन्होंने अस्पताल में डॉक्टर, नर्स, ऑक्सीजन और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए।

भाजपा नेता एवं पूर्व मुखिया मनोहर बड़ाईक ने भी घटना को गंभीर बताते हुए अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं और गरीब मरीज निजी अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव से दूरभाष पर बात कर नई एवं सर्वसुविधायुक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं बढ़ते जनाक्रोश के बीच चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी हरि उरांव अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।

एसडीओ हरि उरांव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने सिविल सर्जन से नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने पर चर्चा करने की जानकारी दी तथा खराब एंबुलेंस को शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की रोटेशनल ड्यूटी सुनिश्चित करने और 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश भी जारी किया।

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