Riyadh, (Saudi Arabia): सऊदी अरब ने अपनी कट्टर छवि और दशकों पुराने कानूनों में एक और बड़ी तब्दीली की है। साल 1952 से शराब की बिक्री पर लगे सख्त प्रतिबंध के बाद, अब पहली बार सरकार ने चुनिंदा विदेशी निवासियों को कानूनी रूप से शराब खरीदने की इजाजत दी है। रियाद के अति-सुरक्षित डिप्लोमैटिक क्वार्टर में एक ‘सीक्रेट’ स्टोर खोला गया है, जहां मोबाइल फोन तक ले जाने की अनुमति नहीं है।
हर खरीदारी पूरी तरह होती है रिकॉर्ड
यह स्टोर बेहद गोपनीय तरीके से चलाया जा रहा है। स्टोर की इमारत पर न तो कोई बोर्ड लगा है और न ही इसका पता ऑनलाइन उपलब्ध है। सुरक्षा इतनी कड़ी है कि प्रवेश से पहले ग्राहकों के मोबाइल फोन बैग में सील कर दिए जाते हैं ताकि कोई फोटो या वीडियो न बन सके। अंदर का माहौल भले ही सुपरमार्केट जैसा है, लेकिन यहां की हर खरीदारी आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड की जाती है। प्रत्येक ग्राहक के लिए मासिक कोटा तय किया गया है ताकि सीमित मात्रा में ही बिक्री हो सके।
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शुरुआत में यह सुविधा केवल गैर-मुस्लिम राजनयिकों (डिप्लोमैट्स) के लिए थी, लेकिन 2025 के अंत में चुपचाप लागू किए गए नए नियमों के बाद अब अमीर गैर-मुस्लिम विदेशी रेजिडेंट्स भी यहां से बीयर, वाइन और स्पिरिट खरीद सकते हैं। हालांकि, इसके लिए पात्रता के मानक बहुत ऊंचे रखे गए हैं।
हर ग्राहक के लिए अलग मासिक कोटा तय
शराब खरीदने की अनुमति केवल उन लोगों को है जिनके पास ‘प्रीमियम रेसीडेंसी परमिट’ है या जिनकी मासिक आय 50,000 रियाल (लगभग 11 लाख रुपये) से अधिक है। प्रीमियम परमिट की सालाना फीस ही 1 लाख रियाल है, जिसे आमतौर पर बड़े निवेशक या हाई-प्रोफाइल प्रोफेशनल्स ही लेते हैं। सऊदी नागरिकों, मुस्लिम विदेशियों और सामान्य पर्यटकों के लिए शराब अब भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। विश्लेषकों का मानना है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ‘विजन 2030’ रणनीति के तहत यह एक प्रायोगिक कदम है, ताकि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और प्रतिभाओं को आकर्षित किया जा सके।



