Jamshedpur News: जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने फोर लेन सड़क और स्वर्णरेखा नदी पर पुल निर्माण कार्य के उद्घाटन समारोह को लेकर कड़ा सवाल उठाते हुए पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और संवेदक की भूमिका पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि पहले से स्वीकृत और प्रगति पर चल रहे कार्य को नए सिरे से शुरू करने के नाम पर उद्घाटन समारोह आयोजित करना भ्रामक है और इससे विकास कार्य को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया है।
सरयू राय ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि वे विधानसभा समिति के राज्य भ्रमण कार्यक्रम के तहत गोड्डा जिले में थे, इसी दौरान सोशल मीडिया से उन्हें जानकारी मिली कि लिट्टी चौक से एनएच-33 भिलाई पहाड़ी को जोड़ने वाले फोर लेन सड़क और स्वर्णरेखा नदी पर पुल एवं पहुंच पथ निर्माण कार्य का उद्घाटन समारोह जमशेदपुर पूर्वी की विधायक की उपस्थिति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इस कार्यक्रम को प्रस्तुत किया गया, उससे ऐसा प्रतीत होता है मानो मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन शिलान्यास के बाद यह कार्य रुका हुआ था और अब विभागीय अभियंताओं की मौजूदगी में दोबारा शुरू किया गया है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
विधायक सरयू राय ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का शिलान्यास होने के बाद पुल और पहुंच पथ का निर्माण कार्य पहले ही प्रारंभ हो चुका था। निर्माण के दौरान पुल के डिजाइन में गंभीर तकनीकी त्रुटि सामने आई थी। विशेष रूप से मानगो छोर की ओर पुल का अंतिम पाया निर्धारित स्थान पर नहीं पाया गया, जिसके कारण तत्काल पुल निर्माण कार्य को रोककर डिजाइन में सुधार कराया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान पहुंच पथ का कार्य बंद नहीं हुआ था और वह लगातार चलता रहा। डिजाइन में सुधार के बाद पुल निर्माण कार्य को उसी स्थान से आगे बढ़ाया जाना था, जहां उसे रोका गया था।
सरयू राय ने कहा कि जब परियोजना वही है, संवेदक वही है, अभियंता वही हैं और कार्य पहले से चल रहा था, तो फिर इसे नई योजना की तरह प्रस्तुत कर उद्घाटन समारोह आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि कोई भी विधायक अपने क्षेत्र के विकास कार्य से जुड़ा आयोजन करे, यह स्वाभाविक है, लेकिन पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और संवेदक का ऐसे राजनीतिक और प्रचारात्मक कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल होना निहायत ही गलत और आपत्तिजनक है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नदी के एक छोर पर पुल निर्माण को लेकर इस तरह का समारोह किया गया, तो क्या भविष्य में नदी के दूसरे छोर या पुल के बाद बनने वाले पहुंच पथ के कार्य के लिए भी इसी तरह उद्घाटन समारोह आयोजित किए जाएंगे। विधायक ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और संवेदक का पक्षपातपूर्ण रवैया उजागर होता है।
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को लेकर सरकार के समक्ष औपचारिक रूप से विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 21 दिसंबर को विधानसभा समिति का भ्रमण कार्यक्रम पूरा होने के बाद वे इस परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया, मानगो फ्लाईओवर से इसके संबंध और इसकी वास्तविक प्रासंगिकता से जुड़े तथ्यों को विस्तार से सार्वजनिक करेंगे।



