Sarhasa (Bihar): बिहार के सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड (बिजलपुर) के एक परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब उन्हें अपनी बेटी की मौत की खबर मिली। उत्तराखंड के रूड़की में रहकर पढ़ाई कर रही पल्लवी कुमारी का शव रविवार रात उसके कमरे में फंदे से लटकता पाया गया। इस घटना के बाद से ही मृतका के पिता और परिजन इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं और सीधे तौर पर हत्या की साजिश का आरोप लगा रहे हैं।

आठ महीने पहले संजोए थे सपने, अब कमरा बना श्मशान

पल्लवी कुमारी पिछले आठ महीनों से रूड़की के गंगानगर में एक प्राइवेट किराये के कमरे में रह रही थी। वह गौतम नगर स्थित एक संस्थान में पढ़ाई कर रही थी। पल्लवी के पिता संजीव राय ने बताया कि रविवार की रात उन्हें अचानक बेटी की मौत की मनहूस खबर मिली। जब वे पुलिस के साथ मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि पल्लवी का शव दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था।

दो सहेलियां फरार, आखिर क्या छुपा रहे हैं लोग?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस पल्लवी की उन दो रूममेट्स को लेकर है जो उसके साथ उसी कमरे में रहती थीं। घटना के बाद से ही वे दोनों लड़कियां फरार बताई जा रही हैं। परिजनों का सवाल है कि अगर यह आत्महत्या थी, तो उसकी सहेलियां मौके से क्यों भागीं? कमरे से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है, जिसने पुलिस की जांच पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है सबकी नजर

पिता संजीव राय ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। फिलहाल, स्थानीय पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश। सहरसा के बिजलपुर गांव में पल्लवी की मौत के बाद से ही चूल्हा नहीं जला है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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