Chaibasa News; भाजपा पिछड़ा जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री हेमन्त कुमार केशरी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दिल्ली, राज्य निर्वाचन आयोग झारखंड, रांची और उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को पत्र भेजकर चाईबासा नगर परिषद के आगामी चुनाव में मतदाता सूची में गंभीर त्रुटियों की शिकायत की है।
पत्र में बताया गया है कि नगर परिषद चुनाव 2025 के लिए बनाई गई मतदाता सूची में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2022 में मतदान कर चुके कई मतदाताओं को गलत तरीके से शामिल किया गया है। इसके अलावा लगभग 330 मतदाता जो केवल लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ही मतदान कर सकते थे, उन्हें त्रिस्तरीय पंचायत और नगर निकाय चुनावों में मतदान से वंचित रखा गया है। यह स्पष्ट रूप से मतदाता के मौलिक अधिकारों का हनन है।
हेमन्त कुमार केशरी ने पत्र में चुनाव से संबंधित साक्ष्यों को संलग्न किया है। इनमें निर्वाचक नामावली 2024 S27 झारखंड के 52-चाईबासा के मतदान केंद्र 91 मेरी टोला यूनिट मध्य विद्यालय का विवरण, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2022 की डिलियामार्चा पंचायत मतदाता सूची, नगर निकाय चुनाव 2025 की भाग संख्या 3/2 की मतदाता सूची, नगर परिषद के 21 वार्डों का नक्शा और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा प्रेषित पत्र की छायाप्रति शामिल है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ड संख्या 3/2 में 1049 मतदाताओं की सूची में 435 मतदाता त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2022 के मतदाता हैं। इनमें से कई मतदाता, जैसे कि BLO मनचला देवी, की जानकारी नगर निकाय सूची में भी शामिल की गई है। इसके अलावा 280 अन्य मतदाता भी त्रिस्तरीय पंचायत मतदान केंद्र में शामिल थे, लेकिन नगर निकाय सूची में गलत तरीके से शामिल किए गए।
साथ ही वार्ड 20 और 21 में तमारबांध और दुम्बीसाई पंचायत के मतदाताओं को लेकर भी त्रुटिपूर्ण सूची बनाई गई। वार्ड 11 में रोरो नदी के अंदर सरकारी जमीनों पर रह रहे मिस्त्री और लेबरों के नाम भी सूची में अंकित किए गए।
हेमन्त कुमार केशरी ने पत्र में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा कि इस त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची के कारण मतदाता अधिकार का हनन हो रहा है। उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया है, ताकि सभी मतदाता अपने मतदान के अधिकार का सही तरीके से उपयोग कर सकें।
इस पत्र के माध्यम से भाजपा ने प्रशासन और निर्वाचन आयोग से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है।



