रांची: नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, रांची नगर निगम (RMC) ने अपने राजस्व संग्रह को मजबूत करने के लिए शहर में सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। 3 फरवरी 2026 को निगम की राजस्व शाखा ने वार्ड संख्या-51 में औचक निरीक्षण किया, जहां कई बड़े व्यावसायिक भवनों में होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस से जुड़ी भारी अनियमितताएं उजागर हुईं।

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

  • सिटी कॉम्प्लेक्स: भवन मालिक जितेंद्र कुमार सिंह द्वारा पिछले 6 वर्षों से पुनर्मूल्यांकन (Re-assessment) नहीं कराया गया था। रिकॉर्ड में केवल 280 वर्ग फीट दर्ज था, जबकि मौके पर 5591.25 वर्ग फीट का व्यावसायिक निर्माण पाया गया।

  • ऑक्सी होटल: भवन मालिक सिद्दीकी रजा का भवन ‘अंडर-असेसमेंट’ की श्रेणी में पाया गया, यानी वास्तविक क्षेत्रफल से कम पर टैक्स दिया जा रहा था।

  • एम बाजार: यहां कुल 3 होल्डिंग्स में से एक का अब तक असेसमेंट ही नहीं कराया गया था। जांच दल ने पाया कि इन प्रकरणों में कुल 31,915 वर्ग फीट का क्षेत्रफल टैक्स चोरी के दायरे में है।

होगी सख्त कार्रवाई

सहायक प्रशासक और नगर प्रबंधकों की उपस्थिति में हुई इस जांच के बाद निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। ‘झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011’ के तहत इन सभी दोषियों से 100% जुर्माने (Penalty) के साथ बकाये राशि की वसूली की जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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