Ranchi : रांची नगर निगम पर एक बार फिर काम के बजाय आंकड़ों का खेल खेलने का आरोप लगा है। कोकर के साधु मैदान निवासी बिरेन बर्मन ने निगम के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम बिना वास्तविक कार्य किए केवल कागजों पर समस्या का समाधान दिखाकर वाहवाही लूटने में लगा है।
बिरेन बर्मन ने बताया कि 29 सितंबर को नगर निगम के कर्मी पेड़ की छंटाई के लिए उनके इलाके में पहुंचे थे। छंटाई के दौरान कर्मियों ने गलती से स्ट्रीट लाइट के स्विच को हटाकर डायरेक्ट कनेक्शन कर दिया। इस कारण स्ट्रीट लाइट दिन-रात लगातार जलती रही। स्थिति से परेशान होकर उन्होंने 4 अक्टूबर को निगम के ऑनलाइन शिकायत ऐप में इसकी शिकायत दर्ज की और स्विच दोबारा लगाने की मांग की।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने के कई दिन बाद भी न तो कोई कर्मी मौके पर पहुंचा और न ही समस्या का समाधान किया गया। इसके बावजूद 9 अक्टूबर को जब स्ट्रीट लाइट जलनी बंद हो गई, तो श्री बर्मन ने ऐप पर जाकर शिकायत का ऑनलाइन स्टेटस चेक किया। उन्होंने पाया कि निगम ने समस्या को ‘सुलझा लिया गया’ दिखाकर मामला बंद कर दिया है, जबकि हकीकत यह है कि न तो स्विच लगाया गया और न ही लाइट काम कर रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है। शहर के कई क्षेत्रों में ऐसी शिकायतें सामने आती रहती हैं, जहां नगर निगम बिना कार्य पूर्ण किए शिकायतों को बंद दिखा देता है। लोगों का कहना है कि निगम के अधिकारी और कर्मचारी शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर करते हैं ताकि रिपोर्ट में अच्छा प्रदर्शन दिखे, लेकिन धरातल पर लापरवाही और असंवेदनशीलता की स्थिति बनी रहती है।
निवासियों ने नगर आयुक्त से मांग की है कि निगम के कार्य प्रणाली की समीक्षा की जाए और शिकायत निपटान की जमीनी सच्चाई की जांच हो। बिरेन बर्मन का कहना है कि यदि निगम वास्तव में नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से ले, तो शहर की स्थिति सुधर सकती है, लेकिन वर्तमान में ऐसा प्रतीत होता है कि निगम केवल डेटा और रिपोर्ट सुधारने पर अधिक ध्यान दे रहा है, न कि वास्तविक सुधार पर।



