Chaibasa News: झारखंड की माटी का हुनर अब सात समंदर पार भी अपनी चमक बिखेर रहा है। चाईबासा सदर प्रखंड के महुलसाई निवासी 19 वर्षीय रितिक पाडेया ने थाईलैंड में आयोजित एमएमए (मिक्स मार्शल आर्ट) और म्यूए थाई प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर तिरंगा लहराया है। पूर्व सैनिक विज्ञान सिंह पाडेया के पुत्र रितिक ने थाईलैंड के ‘मैट्रिक्स फाइट नाइट’ (MFN) प्रो-प्रतियोगिता में अपने कौशल का ऐसा लोहा मनवाया कि ईरान, कंबोडिया और खुद थाईलैंड के दिग्गज फाइटर उनके सामने टिक नहीं पाए।
मैदान में ‘नॉकआउट’ का जलवा; 4 मैचों में दर्ज की क्लीन स्वीप जीत
लक्ष्य है दुनिया की सबसे बड़ी रिंग— ‘UFC’
वर्तमान में इंटर प्रथम वर्ष के छात्र रितिक पिछले 5 वर्षों से रांची (नामकुम) में बॉक्सिंग और फाइटिंग का कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं। रितिक का सपना स्पष्ट है— उन्हें भारत के लिए यूएफसी (Ultimate Fighting Championship) में खेलना है और विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन करना है। उनकी मां राधिका पाडेया और पिता विज्ञान सिंह पाडेया ने गर्व से कहा कि रितिक का समर्पण ही उसे एक दिन विश्व चैंपियन बनाएगा।
चाईबासा में भव्य स्वागत; रितिक बने युवाओं के प्रेरणास्त्रोत
थाईलैंड से घर लौटने पर चाईबासा के गणमान्य नागरिकों ने रितिक के आवास पहुंचकर उन्हें माला और बुके देकर सम्मानित किया। पूरे जिले में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि रितिक की यह उपलब्धि चाईबासा ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मार्शल आर्ट में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। रितिक की मां ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा आशीर्वाद हमेशा उसके साथ है, वह एक दिन यूएफसी का बेल्ट भी जरूर लेकर आएगा।”
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