Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के ओटीसी ग्राउंड में गुरुवार को खेल और उत्साह का एक महाकुंभ संपन्न हुआ। ‘सांसद खेल महोत्सव’ के समापन समारोह में जहां मैदान खिलाड़ियों के पसीने और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
रांची में ‘सांसद खेल महोत्सव’ का समापन; जोश और जज्बे से भरा रहा ओटीसी ग्राउंड, प्रधानमंत्री ने कहा- “मैदान में कोई जीतता है, कोई सीखता है, हार किसी की नहीं होती”
पीएम ने अपने संबोधन में एक बड़ा मंत्र देते हुए कहा कि खेल के मैदान में कोई जीतता है तो कोई सीखता है, लेकिन हार किसी की नहीं होती। उन्होंने इस महोत्सव को राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत स्तंभ करार दिया।
पिछड़े और वंचित खिलाड़ियों को मिला मंच; 1 करोड़ युवाओं ने दिखाया दम
पीएम ने कहा कि देशभर के 290 से ज्यादा सांसदों की पहल और लगभग एक करोड़ से अधिक युवाओं की भागीदारी ने इस महोत्सव को दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक बना दिया है। पीएम ने विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसर की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अब खेलों को अपनी संस्कृति बना रहा है और यह महोत्सव उन प्रतिभावान बच्चों के लिए है जो सुविधाओं के अभाव में पीछे रह जाते थे। अब गांव-गांव के बच्चे राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
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गिल्ली-डंडा और पारंपरिक खेलों का आकर्षण; वूशु-आर्चरी में दिखा टैलेंट
महोत्सव के आखिरी दिन ओटीसी ग्राउंड में कबड्डी और फुटबॉल के रोमांचक फाइनल मैच खेले गए। खास बात यह रही कि आधुनिक खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेल ‘गिल्ली-डंडा’ को भी शामिल किया गया, जिसने दर्शकों की पुरानी यादें ताजा कर दीं। आंकड़ों की बात करें तो वुशु में 225, आर्चरी में 190 और एथलेटिक्स में 340 बच्चों ने भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाया। समापन समारोह के अंत में 150 से अधिक टीमों को फुटबॉल और नेट बांटे गए, ताकि खेल का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सके।



