Ranchi: दोस्ती की मिसाल तो आपने बहुत सुनी होगी, लेकिन रांची के रातू थाना क्षेत्र से जो खबर आई है, वह दिल दहला देने वाली है। यहां तिगरा गांव के पास चंद मिनटों के गुस्से और शराब के नशे ने एक दोस्त को अपराधी और दूसरे को अस्पताल के बेड पर पहुंचा दिया। रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने इस पूरे ‘मर्डर मिस्ट्री’ जैसे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने विनीत खलखो, रोहित तिग्गा, शिवराज और आलोक उरांव को गिरफ्तार कर लिया है।
पिस्तौल से आग जलाने की सनक
वाकया किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दरअसल, आलोक के पिता की रिटायरमेंट पार्टी चल रही थी। सबने जमकर खाना-पीना किया। कड़ाके की ठंड थी, तो पुआल जलाकर हाथ तापने की बात हुई। माचिस नहीं मिली, तो आरोपी विनीत ने टशन में आकर अपनी देसी पिस्टल से पुआल पर फायर कर दिया कि शायद चिंगारी से आग लग जाए। आग तो नहीं लगी, पर वहां मौजूद लोगों के जहन में खतरे की घंटी जरूर बज गई थी।
कार की रफ़्तार पर शुरू हुआ मौत का विवाद
पार्टी के बाद जब ये लोग वैगनआर कार से शराब लेने निकले, तो कार चला रहे संदीप की रफ़्तार को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। केवला मोड़ पर गाड़ी रुकते ही बहस बढ़ गई। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद अन्य दोस्तों ने विनीत को उकसाया और गुस्से में आकर विनीत ने सीधे संदीप के सिर में गोली मार दी।
गुनाह छिपाने की नाकाम कोशिश
गोली चलते ही सब सन्न रह गए। डर के मारे आरोपियों ने हथियार झाड़ियों में फेंक दिया और खून से लथपथ संदीप को अस्पताल पहुंचाया, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से वे बच नहीं सके। रिम्स में इलाज के दौरान जब विनीत से कड़ाई से पूछताछ हुई, तो उसने सारा सच उगल दिया। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर बनी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार और पिस्टल बरामद कर ली है। फिलहाल सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं।



