Ranchi: राजधानी के व्यस्त सुजाता चौक पर रविवार की रात पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए। रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जंगल की आग की तरह फैली, जिसमें एक पुलिसकर्मी सड़क के बीचों-बीच बालू लदे ट्रक को रोककर संदिग्ध रूप से पैसे लेते दिखाई दे रहा था। तस्वीर के वायरल होते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और आनन-फानन में बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
सिटी एसपी ने खुद संभाली कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी पारस राणा ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। वे खुद सुजाता चौक पहुंचे और संबंधित PCR चालक से आमना-सामना किया। पूछताछ के दौरान चालक ने अपना बचाव करते हुए दलील दी कि वह कोई वसूली नहीं कर रहा था, बल्कि सिर्फ ट्रक ड्राइवर से दस्तावेज (पर्चा) लेकर रास्ते की जानकारी ले रहा था। चालक ने दावा किया कि तस्वीर में दिख रही चीज पैसे नहीं बल्कि कागज थे।
‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत एक्शन
हालांकि चालक ने अपनी सफाई दी, लेकिन वायरल तस्वीर की स्पष्टता और आम जनता के बीच बिगड़ती पुलिस की छवि को देखते हुए सिटी एसपी ने तत्काल प्रभाव से PCR चालक को सस्पेंड कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख
बता दें कि रांची पुलिस इन दिनों भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त है। अभी शनिवार की ही रात जुआ खिलाने और मारपीट के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि खाकी की आड़ में गलत काम करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार पर रांची पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।



