Ranchi News: रांची के सुखदेव नगर इलाके में शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। रेलवे में कार्यरत नितेश पांडेय की 29 नवंबर की शाम अपने ही कमरे में संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया। शनिवार को उसकी बारात निकलनी थी, लेकिन उससे पहले ही परिवार पर ऐसा पहाड़ टूट पड़ा जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

परिवार के आरोपों ने पुलिस को कटघरे में खड़ा किया

नितेश के भाई नीरज पांडेय ने आरोप लगाया कि 26 नवंबर को तिलक के दिन प्रियंका नाम की लड़की ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया। केस दर्ज होते ही सुखदेव नगर पुलिस ने बिना जांच उसे हिरासत में ले लिया। नीरज का दावा है कि थाने के मुंशी परशुराम लगातार पैसों की मांग करता रहा- कभी एक लाख, कभी दो लाख।

नीरज के मुताबिक, “कभी कहा जाता था सिटी एसपी को देना है, कभी डीएसपी को मैनेज करना है। कुल मिलाकर करीब दस लाख रुपये ले लिए गए।” भाई ने बताया कि केस से निकलने के बाद भी लड़की की तरफ से लगातार परेशान किया जा रहा था। तनाव इतना बढ़ गया कि नितेश टूट गया और उसने अपनी जान ले ली।

पुलिस मुख्यालय ने लिया सख्त संज्ञान

मीडिया में मामला फैलते ही झारखंड पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गया। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने रांची के आईजी मनोज कौशिक को तत्काल जांच की जिम्मेदारी दी। प्रारंभिक जांच में कई गंभीर बातें सामने आने पर एसएसपी राकेश रंजन ने सुखदेव नगर थाना प्रभारी अशोक कुमार और मुंशी परशुराम- दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया।

आईजी मनोज कौशिक ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है और आगे की जांच तेज कर दी गई है।

सवालों के घेरे में पुलिस की भूमिका

परिवार का आरोप है कि अगर थाने में दबाव न बनाया जाता और पैसे की मांग न होती, तो नितेश जिंदा होता। क्षेत्र में भी इसे लेकर गुस्सा है कि शादी के पहले ऐसे मानसिक दबाव ने एक युवा की जिंदगी ले ली। अब परिवार सिर्फ एक ही मांग कर रहा है- पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों को सख्त सजा मिले।

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