Ranchi News: राजधानी के डोरंडा स्थित पुराने हाईकोर्ट के समीप बुधवार को नगर निगम का भारी-भरकम ‘पीला पंजा’ (जेसीबी) गरजा। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत नाले और सड़क किनारे बनी अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया, लेकिन इस पूरी कार्रवाई के दौरान नगर निगम को स्थानीय लोगों और दुकानदारों के भारी विरोध और आक्रोश का सामना करना पड़ा।

“गरीब मुक्त रांची बना रहा निगम”

अभियान के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। रोते-बिलखते छोटे दुकानदारों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम “नशा मुक्त रांची” के बजाय “गरीब मुक्त रांची” बनाने पर तुला है। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि निगम के पास अमीरों और गरीबों के लिए अलग-अलग कानून हैं। एक पीड़ित दुकानदार ने कहा, “जिसके पास पैसा है उसकी दुकान को छुआ तक नहीं गया, और हम जैसे गरीब जो रोज 200-500 कमाते हैं, हमारा घर उजाड़ दिया गया।”

राषिक लाल होटल को लेकर उठा विवाद

कार्रवाई के दौरान ‘राषिक लाल होटल’ और उसके आसपास के निर्माण को लेकर सबसे ज्यादा हंगामा हुआ। लोगों ने सवाल उठाया कि जब नाले के ऊपर सभी का निर्माण अवैध है, तो सिर्फ एक विशेष हिस्से को ही क्यों छोड़ा गया? स्थानीय लोगों का दावा है कि ‘अंडर टेबल सेटिंग’ और पैसों के दम पर रसूखदारों के निर्माण को बचाया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने अमीन बुलाकर सरकारी नापी कराने की मांग की।

माचिस की डिब्बी की तरह बिखरे ठेले

अभियान के दौरान चार-चार जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। सड़क किनारे लगे लोहे के मजबूत ठेलों को बुलडोजर ने महज 5 मिनट में माचिस की डिब्बी की तरह नेस्तनाबूद कर दिया। एक ठेला संचालक ने रोते हुए बताया कि प्रशासन ने 5-6 ठेलों को छोड़ दिया और सिर्फ उसका ठेला जब्त कर लिया।

प्रशासन की सफाई: “अतिक्रमण मुक्त होगा इलाका”

भारी भीड़ और विरोध के बीच मजिस्ट्रेट और निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आसपास का इलाका संवेदनशील है और इसे अतिक्रमण मुक्त करना अनिवार्य है। अधिकारियों ने नापी की मांग पर आश्वासन दिया कि जहां विवाद है वहां नापी कराई जाएगी, लेकिन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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