New Delhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी सोमवार को गुजरात के वडोदरा दौरे पर हैं। इस एक दिवसीय प्रवास के दौरान वे आदिवासियों के अधिकारों और उनके संवैधानिक संरक्षण को लेकर एक विशाल जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है और कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की जद्दोजहद में जुटी है।
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तय कार्यक्रम के मुताबिक, राहुल गांधी दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होने वाले ‘आदिवासी संविधान अधिकार सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन में मध्य और पूर्वी गुजरात के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में आदिवासी समुदायों के पहुंचने की उम्मीद है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) की आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार पारगी ने बताया कि राहुल गांधी आदिवासियों की समस्याओं, विशेष रूप से जल-जंगल-जमीन के अधिकार और उनकी संवैधानिक सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सीधा संवाद करेंगे।
स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बनेगी रणनीति
अपने प्रवास के दौरान राहुल गांधी गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ एक बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक भी कर सकते हैं। इस बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और उपचुनावों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि कांग्रेस ने हाल ही में गुजरात में अपनी चुनावी मशीनरी को सक्रिय करने के लिए कई राज्य-स्तरीय समितियों का गठन किया है। रणनीति समिति की कमान भरत सिंह सोलंकी के पास है, जबकि शक्ति सिंह गोहिल चुनाव प्रचार समिति की देखरेख कर रहे हैं।
राहुल गांधी पिछले एक साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए लगातार राज्य के दौरे कर रहे हैं। इस दौरे को भाजपा के अभेद्य गढ़ में सेंध लगाने और आदिवासी वोट बैंक को कांग्रेस के पाले में लाने की एक बड़ी सियासी बिसात के रूप में देखा जा रहा है।



