चैनपुर (गुमला)। चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के भीतर अस्पताल से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर शुक्रवार देर रात ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर नशे की हालत में घायलों का उपचार नहीं करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है, वहीं दूसरी ओर शनिवार सुबह चैनपुर पुलिस की तत्परता से सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने की सराहना हो रही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार मध्यरात्रि रामपुर महुआ टोली के समीप हुई सड़क दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों की पहचान जयपुर निवासी प्रीति केरकेट्टा  (19 वर्ष) एवं चटकपुर जारी निवासी सौरभ कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई। स्थानीय युवाओं आदिप कुजूर और राजकुमार ने मानवता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को तत्काल चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। ग्रामीणों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. प्रभात नशे की हालत में थे और घायलों का समुचित उपचार नहीं किया। आरोप है कि जब परिजनों एवं ग्रामीणों ने इलाज की मांग की तो चिकित्सक ने अभद्र व्यवहार किया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों घायल काफी देर तक अस्पताल के बेड पर पड़े रहे, लेकिन उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। घटना से नाराज लोगों ने सिविल सर्जन कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी दी गई। वहीं, मौके पर पहुंचे कुछ पत्रकारों के साथ भी कथित रूप से दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति को देखते हुए परिजन दोनों घायलों को एक निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच शनिवार अहले सुबह चैनपुर थाना क्षेत्र के छतरपुर के समीप एक अन्य सड़क दुर्घटना हुई। बिंदोरा कुलाही निवासी राजू राम तुरी, पिता जीतन तुरी, अपनी टीवीएस जुपिटर स्कूटी से राशन लेने हरा टीनटांगर जा रहे थे। इसी दौरान छतरपुर के पास उनका वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना के सब-इंस्पेक्टर विजय उरांव एवं असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर संतोष धर्मपाल लुगुन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए घायल को अपनी गाड़ी से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक डॉ. प्रभात कुमार ने उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। फिलहाल घायल का उपचार जारी है। एक ही अस्पताल से कुछ घंटों के अंतराल में सामने आई इन दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। जहां पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल की सराहना हो रही है, वहीं चिकित्सक पर लगे आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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