Gumla News: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड अंतर्गत मांझाटोली आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महामहिम के इस प्रस्तावित दौरे की सुरक्षा और सुव्यवस्था को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में व्यापक फेरबदल किया है। 29 और 30 दिसंबर को गुमला के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि भारी वाहनों के लिए जिले के प्रवेश द्वारों पर ही ‘नो-एंट्री’ लगा दी गई है।
भारी वाहनों के लिए 29 दिसंबर से ही पाबंदी
सुरक्षा कारणों से 29 दिसंबर की सुबह 8:00 बजे से लेकर 30 दिसंबर को कार्यक्रम की समाप्ति तक गुमला शहरी क्षेत्र और रायडीह थाना क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। प्रशासन ने इसके लिए 11 स्थानों पर मजबूत ‘ड्रॉप गेट’ बनाए हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज (चंदाली), चपका, आंजन टोल प्लाजा, सिसई और पुगु बाईपास जैसे मुख्य बिंदुओं पर भारी वाहनों को रोक दिया जाएगा। रायडीह से गुमला की ओर आने वाले ट्रकों और डंपरों को सीलम और टंगरा स्कूल मोड़ के पास ही रुकना होगा।
NH-43 पर छोटे वाहनों के लिए बदला रूट
30 दिसंबर को गुमला–रायडीह–मांझाटोली होते हुए छत्तीसगढ़ (जशपुर) जाने वाले NH-43 पर सभी प्रकार के निजी और यात्री वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। जो लोग गुमला से जशपुर जाना चाहते हैं, उन्हें मिशन चौक मांझाटोली से डायवर्ट कर पुराने रायडीह मार्ग से मोकरा–कोण्डरा होते हुए आरा सुरसांग बॉर्डर के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह, चैनपुर और डुमरी जाने वाले यात्रियों को टंगरा स्कूल मोड़ से कांसिर–चैनपुर मार्ग का उपयोग करना होगा।
जिला प्रशासन की आम जनता से विशेष अपील
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से आम नागरिकों से इस विशेष परिस्थिति में सहयोग की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति का यह भ्रमण कार्यक्रम जिले के लिए गौरव की बात है, अतः इसकी सफलता और सुरक्षा के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए डायवर्ट किए गए मार्गों का ही उपयोग करें। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी वाहनों के लिए इन दो दिनों में कड़े नियम लागू रहेंगे।
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