Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत हेंसल आमदा पंचायत के बर्गीकोचा गांव में चेचक जैसे लक्षणों वाली बीमारी फैलने की सूचना के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। गांव में कई लोग बुखार और शरीर पर दाने निकलने की शिकायत से प्रभावित हुए हैं। वहीं एक ग्रामीण की मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि सबसे पहले गांव निवासी हरिश्चंद्र पुरान इस बीमारी की चपेट में आए थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद 2 जून को मौत हो गई। इसके बाद उनके परिवार के सदस्यों और ग्राम प्रधान गौरांग पुरान समेत अन्य ग्रामीणों में भी समान लक्षण दिखाई दिए। सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका की मेडिकल टीम गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की जांच शुरू कर दी।

सीएचसी पोटका की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि विभाग की त्वरित कार्रवाई और उपचार के कारण स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। अधिकांश मरीज अब स्वस्थ हैं, जबकि कुछ लोगों को निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य टीम द्वारा गांव में घर-घर सर्वेक्षण कर संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में दूषित पेयजल को बीमारी फैलने का संभावित कारण माना जा रहा है। गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने दो खराब चापाकलों की मरम्मत कर दी है, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मिलने लगा है।

स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, उबला हुआ पानी पीने और किसी भी प्रकार के संक्रमण संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अंधविश्वास और झाड़-फूंक से बचते हुए चिकित्सकीय उपचार अपनाने की अपील भी की है।

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