धनबाद: ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण के विरोध में निरसा विधायक अरूप चटर्जी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। विधायक पिछले चार दिनों से समाहरणालय के सामने अनशन पर बैठे हैं। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर की बातचीत
शुक्रवार को एसडीएम लोकेश बारंगे और डीएसी शालिनी डुंगडुंग आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और अनशन पर बैठे अरूप चटर्जी से बातचीत की। इस दौरान शिक्षकों के तबादले और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई।
1600 शिक्षकों के तबादले पर उठाए सवाल
अरूप चटर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में जिले में करीब 1600 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। उन्होंने तबादला प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।
विधायक ने कहा कि ग्रामीण स्कूल पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। बड़े पैमाने पर तबादले से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है।
जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक बुलाने की मांग
विधायक की मुख्य मांग जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक बुलाने की है। उनका कहना है कि बैठक में शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े पूरे मामले की समीक्षा की जाए और ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भूख हड़ताल को मिला भाकपा माले का समर्थन
विधायक के आंदोलन को समर्थन देने के लिए चौथे दिन भाकपा माले के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विधायक की मांगों को पूरा करने की मांग की।
फिलहाल विधायक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनकी भूख हड़ताल जारी है।





