हजारीबाग: झारखंड की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पुलिस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी हजारीबाग के केरेडारी स्थित चट्टी बरियातू कोल माइंस के धरना स्थल से हुई, जहाँ योगेंद्र साव पिछले कई हफ्तों से एनटीपीसी के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
धरना स्थल पर हुई पुलिसिया कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, योगेंद्र साव 31 दिसंबर 2025 से ही एनटीपीसी की चट्टी बरियातू परियोजना के खिलाफ धरने पर बैठे थे। वे और उनके समर्थक मुआवजे, रोजगार और स्थानीय अधिकारों की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे, पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री और उनकी पत्नी निर्मला देवी को हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी से मुलाकात और दिल्ली दौरा
दिलचस्प बात यह है कि इस गिरफ्तारी से ठीक पहले योगेंद्र साव अपनी बेटी और बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद के साथ दिल्ली के दौरे पर थे। वहां उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं और एनटीपीसी से जुड़े विवादों पर चर्चा की थी। दिल्ली से लौटते ही वे सीधे चट्टी बरियातू स्थित धरना स्थल पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
विवादों और पुराने मामलों का साया
योगेंद्र साव पर बड़कागांव, केरेडारी और पगार ओपी सहित विभिन्न थानों में कई पुराने और नए मामले दर्ज हैं। हाल के महीनों में चट्टी बरियातू कोल माइंस में ट्रांसपोर्टिंग रोकने और सड़क पर दीवार खड़ी करने जैसे विवादों ने प्रशासन के साथ उनके तनाव को और बढ़ा दिया था।
समर्थकों में भारी आक्रोश
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र के ग्रामीणों और साव के समर्थकों में गहरा रोष देखा जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से की गई है और स्थानीय लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश है। प्रशासन ने क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।



