रांची/धनबाद: झारखंड में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार जारी है। सोमवार की सुबह धनबाद का भागाबांध इलाका उस समय गोलियों की गूँज से दहल उठा, जब रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह को चारों ओर से घेर लिया। यह मुठभेड़ न केवल पुलिस की बहादुरी का प्रमाण है, बल्कि अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।

कैसे शुरू हुआ मुठभेड़ का सिलसिला

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या के आरोपी धनबाद के पुटकी थाना अंतर्गत भागाबांध ओपी इलाके में छिपे हुए हैं। ये अपराधी न केवल हत्या में शामिल थे, बल्कि इलाके के व्यापारियों से लगातार रंगदारी (लेवी) मांगकर दहशत फैला रहे थे।

सूचना मिलते ही धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जैसे ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू की, खुद को घिरा देख अपराधियों ने आव देखा न ताव और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस दौरान दो अपराधी गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक अन्य भागने की कोशिश में गिर पड़ा और उसका पैर टूट गया।

गिरफ्तार अपराधियों का कच्चा चिट्ठा

पुलिस ने इस कार्रवाई में प्रिंस खान गिरोह के तीन प्रमुख शूटरों को गिरफ्तार किया है:

  • विक्की डोम: मुठभेड़ में घायल।

  • अमन सिंह उर्फ कुबेर: मुठभेड़ में घायल।

  • अफजल उर्फ अमन: भागने की कोशिश में चोटिल।

ये तीनों अपराधी रांची के उस चर्चित एयरपोर्ट थाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी हैं, जिसमें शनिवार की रात एक होटल संचालक के भाई की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस की साख दांव पर थी और प्रशासन इन गुर्गों की तलाश में दिन-रात एक किए हुए था। क्रॉस फायरिंग के दौरान दो अपराधियों को पैर में गोली लग गई, जबकि तीसरा अपराधी भागने के दौरान गिरकर घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। घायल अपराधियों की पहचान अमन सिंह उर्फ कुबेर, जो पलामू का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि विक्की डोम और अफजल उर्फ अमन धनबाद के निवासी हैं।

गैंगस्टर प्रिंस खान का नेटवर्क और पुलिस की चुनौती

प्रिंस खान, जो वर्तमान में विदेश में बैठकर झारखंड में अपना रंगदारी का साम्राज्य चला रहा है, उसके गुर्गों का इस तरह पकड़ा जाना एक बड़ी उपलब्धि है। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि “प्रिंस खान के गुर्गे लगातार कोयलांचल के कारोबारियों को डरा-धमका रहे थे। इस मुठभेड़ से गिरोह की कमर टूट गई है। हम इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात

मुठभेड़ के बाद पूरे भागाबांध और पुटकी इलाके में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अब इन शूटरों से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि उनके अगले निशाने पर कौन था और उन्हें हथियार और पनाह कौन दे रहा था।

जनता में राहत, अपराधियों में खौफ

रांची में हुई हत्या के बाद से राजधानी और धनबाद के व्यापारियों में डर का माहौल था। पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने जनता के विश्वास को दोबारा जगाया है। अब पुलिस इन अपराधियों के पुराने इतिहास को खंगाल रही है ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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