पलामू। झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ एक कामयाब कार्रवाई की है। लेस्लीगंज थाना पुलिस ने गो-तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 21 गोवंशीय पशुओं (गाय, बैल और बाछा) को सुरक्षित बरामद किया है। इस अवैध धंधे में शामिल तीन तस्करों को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पशुओं को पैदल हांककर ले जा रहे थे तस्कर
पलामू पुलिस को यह सफलता एक सटीक गुप्त सूचना के आधार पर मिली। पुलिस को खबर मिली थी कि पशु तस्करों का एक गिरोह जिले के पड़वा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लामी पतरा बाजार से भारी संख्या में गाय और बैलों को अवैध रूप से हांककर सतबरवा की ओर ले जा रहा है। सूचना मिलते ही लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और तस्करों के रूट पर जाल बिछाया गया।
जैसे ही तस्कर पशुओं को लेकर लेस्लीगंज थाना क्षेत्र की सीमा में दाखिल हुए, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर कुछ तस्कर अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस जवानों ने पीछा करके तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
केस दर्ज कर आरोपी भेजे गए जेल
पकड़े गए तस्करों की पहचान देवदही गांव निवासी 60 वर्षीय सुदामा सिंह, 65 वर्षीय दुखी राम और बोहिता गांव निवासी 35 वर्षीय रेयाज अंसारी के रूप में की गई है। पुलिस ने बरामद किए गए सभी 21 गोवंशीय पशुओं को जब्त कर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है।
इस बड़ी कार्रवाई को लेकर लेस्लीगंज थाने के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) जितेंद्र कुमार (मूल निवासी- नवादा, बिहार) के लिखित आवेदन पर लेस्लीगंज थाना कांड संख्या 74/2026 के तहत पशु क्रूरता अधिनियम और गो-तस्करी की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध पशु तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस धंधे से जुड़े किंगपिन और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।



