रांची: झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रांची पुलिस को एक नई और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के राज्य प्रमुख (स्टेट चीफ) और 10 लाख रुपये के इनामी खूंखार उग्रवादी अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक अत्याधुनिक स्वचालित (ऑटोमैटिक) पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और संगठन के कई आपत्तिजनक पर्चे बरामद किए हैं।

रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का शीर्ष कमांडर अमृत होरो अपने कुछ साथियों के साथ लापुंग थाना क्षेत्र के अंतर्गत महुगांव जंगल के आस-पास छिपा हुआ है। वह वहां किसी बड़ी और हिंसक नक्सली घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।

सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी के दिशा-निर्देशन और बेड़ो के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दीपक कुमार के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए महुगांव के घने जंगल इलाके की घेराबंदी की और घेरा कड़ा करते हुए अमृत होरो को सफलतापूर्वक दबोच लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह वर्तमान में झारखंड में पीएलएफआई का स्टेट चीफ है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमृत होरो पिछले 16 वर्षों से झारखंड के नक्सली गलियारों में सक्रिय था। वह रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे कई जिलों में हत्या, फायरिंग, आगजनी और रंगदारी (लेवी) वसूली की वारदातों को अंजाम देकर दहशत का पर्याय बना हुआ था। एसएसपी ने बताया कि अमृत और उसके गिरोह के सदस्य स्थानीय व्यवसायियों, बड़े ठेकेदारों और प्रतिष्ठित लोगों को फोन तथा विभिन्न सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए डरा-धमकाकर मोटी लेवी वसूलते थे।

अमृत होरो का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ अलग-अलग जिलों में 50 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें अकेले रांची जिले में 21 और राज्य के अन्य जिलों में 29 मामले शामिल हैं। रांची पुलिस ने इस कार्रवाई को उग्रवाद के खिलाफ एक निर्णायक मोड़ बताया है, क्योंकि इस गिरफ्तारी से राज्य में पीएलएफआई संगठन के शीर्ष नेतृत्व का लगभग पूरी तरह सफाया हो गया है।

इस साहसिक छापेमारी टीम में डीएसपी दीपक कुमार के साथ अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, लापुंग थाना प्रभारी गोविंद कुमार, मोहम्मद कफील अहमद, राजेंद्र कुमार महतो, उत्तम कुमार पासवान और जिला बल के सशस्त्र जवान शामिल थे।

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