Interesting News: हर कोई चाहता है कि उसका फोन जितना ज्यादा चले, उतना अच्छा है। लेकिन अक्सर लोग जाने-अनजाने ऐसी आदतें अपना लेते हैं जो बैटरी की सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। टेक विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि फोन को हर बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करना बैटरी के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।

फुल चार्ज से बैटरी पर हाई वोल्टेज का दबाव क्यों पड़ता है?

स्मार्टफोन में लगी लिथियम-आयन बैटरियों की अपनी एक चार्ज साइकल होती है। जितनी बार आप बैटरी को ज्यादा वोल्टेज पर धकेलेंगे, वह उतनी जल्दी कमजोर होती जाएगी। एक्सपर्ट बताते हैं कि जब फोन 100% तक पहुंचता है, बैटरी पर लगातार हाई वोल्टेज का प्रेशर बनता है। यही दबाव उसकी केमिस्ट्री को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। नतीजा यह होता है कि कुछ ही महीनों में बैटरी बैकअप कम होने लगता है और फोन बिना वजह जल्दी डिस्चार्ज होता दिखता है।

कई लोग रातभर फोन को चार्ज पर लगाकर सो जाते हैं। यह आदत बैटरी को और ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। रातभर चार्ज होने के दौरान फोन 99 से 100 प्रतिशत के बीच अटकता रहता है और यही माइक्रो-चार्जिंग लूप बैटरी को ओवरहीट कर देता है। गर्मी बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन मानी जाती है और इससे उसकी लाइफ तेजी से गिरती है।

फास्ट चार्जिंग भी उतनी ही जोखिमभरी है। तेज चार्जिंग के दौरान बैटरी में ज्यादा तापमान बनता है, जो लंबे समय में उसकी क्षमता को कम करता है। टेक विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोन को हमेशा 20 से 80 प्रतिशत के बीच चार्ज रखना सबसे सुरक्षित तरीका है। इससे बैटरी पर कम तनाव पड़ता है और उसकी उम्र बढ़ती है।

इसके अलावा असली या प्रमाणित चार्जर का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। सस्ते या लोकल चार्जर अनियंत्रित वोल्टेज भेजते हैं, जिससे बैटरी को स्थायी नुकसान हो सकता है।

कुल मिलाकर, बैटरी को फुल चार्ज करने की आदत छोड़ देनी चाहिए। थोड़ा-सा ध्यान आपकी फोन लाइफ को सालों बढ़ा सकता है।

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