Bihar News: बिहार की राजनीति में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के ताजा बयान से राजद नेता तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ती दिख रही है। दरअसल गुरुवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में एनडीए को हराना है तो कांग्रेस को साथ लेकर चलना ही होगा, और यह चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ना जरूरी है।

बिहार चुनाव में राहुल गांधी को बताया चेहरा

सांसद पप्पू यादव ने दो टूक कहा, कि बिना कांग्रेस के एनडीए को नहीं हराया जा सकता। बिहार का चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाना चाहिए, तभी हम सफलता पा सकते हैं। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जबकि महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर असमंजस बना हुआ है, और तेजस्वी यादव खुद को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानकर चल रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री पद के दावे पर दी प्रतिक्रिया

पिछले दिनों वीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी द्वारा खुद को भविष्य का उपमुख्यमंत्री बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा, कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है। वे नेता हैं, उन्हें अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन मैं साफ तौर पर कहता हूं कि कांग्रेस के बिना एनडीए को नहीं हराया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के प्रति सभी वर्गों एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और ऊंची जातियों में सम्मान और उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर सभी दलों को घेरा

राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर पप्पू यादव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 15 साल आरजेडी और 20 साल एनडीए की सरकार ने मिलकर बिहार को बर्बाद किया है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है – कहीं अल्ट्रासाउंड नहीं, तो कहीं एमआरआई की सुविधा नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव – दोनों को घेरते हुए कहा, तेजस्वी यादव चार साल उपमुख्यमंत्री रहे और स्वास्थ्य विभाग भी उन्हीं के पास था, लेकिन सुधार नहीं हुआ। मंत्री को आलोचना सहनी चाहिए, क्योंकि जनता को उनसे उम्मीद होती है।

महागठबंधन में बढ़ सकती है अंदरूनी खींचतान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पप्पू यादव के इस बयान से महागठबंधन में अंदरूनी खींचतान तेज हो सकती है। जहां तेजस्वी यादव खुद को मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार मानते हैं, वहीं पप्पू यादव द्वारा राहुल गांधी को चेहरा बनाने की बात करना स्पष्ट संकेत है कि महागठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद हैं। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है, और पप्पू यादव के इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

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