Palamu News: झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के अलीनगर गांव में शनिवार को अपराधियों ने एक पुलिस जवान के घर को निशाना बनाया। जिस वक्त जवान टाटा के गालूडीह में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, पीछे से गांव के ही कुछ हमलावरों ने उनके पूरे परिवार को टांगी (फरसा) और लाठी-डंडों से लहूलुहान कर दिया। इस हमले में जवान के 75 वर्षीय पिता से लेकर उनकी 13 साल की मासूम बेटी तक को नहीं बख्शा गया।

टांगी के वार से फटी पत्नी की खोपड़ी; MMCH में जिंदगी की जंग

प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों से मिली जानकारी के अनुसार, हमला इतना भीषण था कि जवान वीरेंद्र पासवान की पत्नी सोना देवी (45) के शरीर पर गहरे घाव आए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (MMCH) रेफर किया गया है, जहां वे मौत से जूझ रही हैं। हमले में जवान के पिता महाराज पासवान, 18 वर्षीय बेटी नंदन और 13 वर्षीय काजल भी गंभीर रूप से जख्मी हैं। अलीनगर गांव के लोग इस मंजर को देखकर सहमे हुए हैं।

मामूली बहस या पुरानी रंजिश? हमलावरों ने घर को बनाया ‘बूचड़खाना’

पीड़ित परिवार की मानें तो इस खूनी संघर्ष की जड़ शनिवार को हुई एक मामूली बहस थी। गांव के ही स्वर्गीय अखिलेश पासवान के बेटे धीरज और नीरज कुमार से किसी बात पर कहासुनी हुई थी। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि ये विवाद इतना बड़ा हो जाएगा। रंजिश पालते हुए धीरज और नीरज ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर घर में धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर की महिलाओं और बुजुर्ग पर बिना सोचे-समझे टांगी से प्रहार शुरू कर दिए। घर के आंगन में चारों तरफ खून बिखरा पड़ा था।

जवान ने लगाई इंसाफ की गुहार; पुलिस की धरपकड़ शुरू

घटना की खबर मिलते ही गालूडीह में तैनात जवान वीरेंद्र पासवान आनन-फानन में मेदिनीनगर पहुँचे। अपनी पत्नी और बच्चों की हालत देखकर वे टूट गए हैं। पुलिस को दिए लिखित आवेदन में उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। हुसैनाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। गांव में फिलहाल तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

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