World News: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। तुर्की के इस्तांबुल में चल रही शांति वार्ता उस समय टूट गई जब पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मेजर जनरल शहाब असलम ने तालिबान नेताओं को अपमानजनक शब्द कहे। कतर और तुर्की के मध्यस्थ भी इस घटना से हैरान रह गए।
बैठक के बीच मचा विवाद
अफगान प्रतिनिधियों के अनुसार, असलम ने तीसरे दिन बहस के दौरान तालिबान को टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को नियंत्रित न करने पर फटकार लगाई और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। यह विवाद उस समय बढ़ गया जब अफगान पक्ष ने अमेरिकी ड्रोन की गतिविधियों पर सवाल उठाया। इस पर पाकिस्तानी वार्ताकार ने कतर को तंज कसते हुए जवाब दिया, जिससे बैठक का माहौल और बिगड़ गया।
अफगानिस्तान की सख्त चेतावनी
28 अक्टूबर की सुबह अफगान प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता से बाहर निकलने का निर्णय लिया। तालिबान के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को सख्त चेतावनी दी कि अगर अफगान क्षेत्र पर एक और हमला हुआ, तो इस्लामाबाद को निशाना बनाया जाएगा। अफगान मीडिया ने इसे पाकिस्तान की “गैर-जिम्मेदार बदतमीजी” कहा।
सीमा पर तनाव और अमेरिका का नया रोल
दोनों देशों के बीच यह विवाद हाल की सीमा झड़पों और पाकिस्तान के अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों के बाद बढ़ा है। पाकिस्तानी अधिकारी के हालिया बयान से यह भी संकेत मिलता है कि अमेरिका फिर से पाकिस्तान के साथ खुफिया सहयोग कर रहा है।



