घाघरा, गुमला झारखंड सरकार द्वारा 15 दिसंबर से राज्य के सभी लैंपस खोलकर धान अधिप्राप्ति शुरू करने के स्पष्ट आदेश के बावजूद घाघरा प्रखंड के चपका स्थित लैंपस आज भी बंद पड़ा है. सरकार ने यह सख्त निर्देश इसलिए जारी किया था ताकि किसानों को अपनी मेहनत की फसल बिचौलियों के हाथों औने-पौने दामों पर न बेचनी पड़े, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है. चपका क्षेत्र के किसान अपनी उपज लेकर लैंपस खुलने की राह देख रहे हैं, मगर केंद्र पर लटका ताला उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रहा है।
सरकारी व्यवस्था की इस सुस्ती का सीधा फायदा बिचौलिए और व्यापारी उठा रहे हैं, जो किसानों की मजबूरी का लाभ उठाकर उनसे कम कीमत पर धान खरीद रहे हैं. किसानों का कहना है कि घर की जरूरतों और अगली फसल की तैयारी के लिए उन्हें पैसों की तत्काल आवश्यकता है, ऐसे में लैंपस का बंद होना उनके लिए आर्थिक शोषण का कारण बन रहा है. यदि प्रशासन ने जल्द ही चपका लैंपस को क्रियाशील नहीं किया, तो इस क्षेत्र के किसानों को इस साल भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ेगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि कागजी आदेशों से आगे बढ़कर तुरंत धान की खरीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि अन्नदाताओं को उनकी फसल का उचित सरकारी मूल्य मिल सके।
घाघरा से दीनदयाल राम की रिपोट



