Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में उरांव समाज के तत्वावधान में शनिवार को बुजुर्गों के सम्मान और उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को समर्पित एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। सम्मानित वृद्ध क्लब, चाईबासा द्वारा पुलहातु स्थित कुडुख सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर की सातों बस्तियों से आए करीब 100 बुजुर्ग महिला और पुरुष शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल आत्मीयता और उत्साह से भर गया।

कार्यक्रम में आदिवासी उरांव समाज संघ, चाईबासा के अध्यक्ष संचू तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में जगर्नाथ हेंब्रम, संजीव कुमार, अजीत कुमार और सहदेव किस्पोट्टा मंच पर मौजूद थे। समारोह के दौरान बुजुर्गों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जहां मेडिकल टीम ने सभी उपस्थित लोगों की जांच कर आवश्यकतानुसार दवाइयां भी उपलब्ध कराईं।

मुख्य अतिथि संचू तिर्की ने कहा कि समाज की जड़ें बुजुर्गों के अनुभव और संस्कारों से मजबूत होती हैं, इसलिए उनका सम्मान और देखभाल हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं जगर्नाथ हेंब्रम ने इस आयोजन को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि बुजुर्गों को एक मंच पर लाकर सम्मान के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं देना समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में सहयोग का भरोसा भी दिलाया।

इस अवसर पर सभी बुजुर्गों को अतिथियों द्वारा भेंट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए बोल पास प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें रतन तिर्की ने प्रथम, कुसमी देवी ने द्वितीय और बंधन कच्छप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और जीवंत बना दिया।

बुजुर्गों ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि ऐसा सम्मान समारोह उनके लिए नया और यादगार अनुभव है, जिससे उन्हें अपनापन और सम्मान दोनों की अनुभूति हुई। कार्यक्रम के अंत में समाज के उपसचिव लालू कुजूर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

समारोह को सफल बनाने में सम्मानित वृद्ध क्लब की मुख्य संयोजिका लक्ष्मी बरहा सहित विजय लक्ष्मी लकड़ा, लक्ष्मी कच्छप, किरण नुनिया, निर्मला लकड़ा, ननकी लकड़ा, बाबूलाल बरहा, लक्ष्मण बरहा, जय कुमार, भरत कुजूर, महावीर बरहा, राजकमल लकड़ा, मालती कच्छप, रोमोल कच्छप, शोभा कच्छप, सालनी कुजूर, चिमनी बरहा, ज्योति बरहा, विष्णु मिंज और सौरव मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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