रांची: राजधानी को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए रांची नगर निगम ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। 11 फरवरी 2026 को अपर प्रशासक संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई स्वच्छता शाखा की बैठक में यह साफ कर दिया गया कि अब लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में शहर की बिगड़ती अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सख्त दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

CCTV से होगी निगरानी, स्मार्ट सिटी सेंटर रखेगा नजर

अब सड़कों, नालियों या खाली प्लॉटों पर कचरा फेंकना सीधे जेल या भारी जुर्माने का कारण बन सकता है। शहर की निगरानी स्मार्ट सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों की मदद से कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान कर तत्काल चालान काटा जाएगा। अपर प्रशासक ने स्पष्ट किया कि “चेतावनी का दौर अब समाप्त हो चुका है।”

दो डस्टबिन रखना अनिवार्य

नए नियमों के अनुसार, हर घर, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान में दो डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है, हरा (गीले कचरे के लिए) और नीला (सूखे कचरे के लिए), निगम की टीमें विशेष जांच अभियान चलाएंगी और डस्टबिन न मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, नागरिक अब सीधे अपर प्रशासक से स्वच्छता संबंधी शिकायत कर सकते हैं, जिस पर तय समय सीमा के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया है। निगम ने जनता से अपील की है कि वे ‘स्वच्छ रांची’ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

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