गुमला/कामडारा प्रखंड के मुरुमकेला एवं रेडवा क्लस्टर में आज राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के अंतर्गत बायो रिसोर्स सेंटर (BRC) का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में सामेती (झारखंड कृषि विभाग) के निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी गुमला, जिला उद्यान पदाधिकारी गुमला, जिला परिषद–कामडारा तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, कामडारा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान BRC उद्यमी हिरन दीदी ने केंद्र में तैयार किए जा रहे विभिन्न प्राकृतिक कृषि इनपुट्स का परिचय दिया और बताया कि किस प्रकार ये सामग्रियाँ किसानों के उत्पादन में वृद्धि लाने तथा मिशन को और मजबूत करने में सहायक होंगी। निदेशक महोदय ने NF CRP से संवाद किया, NF किसानों से मुलाकात की और उनके नवाचारों व प्रयासों की प्रशंसा की। यह भी उल्लेखनीय है कि कामडारा, NMEO–S कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित तीन प्रखंडों में से एक है, जिससे तेलहन आधारित हस्तक्षेपों को और अधिक प्रभावी रूप से लागू करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। फील्ड विज़िट के दौरान दल ने आम बागानों में अपनाई जा रही अंतरफसल प्रणाली, ड्रिप सिंचाई के तहत तरबूज, ग्राफ्टेड टमाटर एवं बैंगन की उन्नत फसलों और BSKY कुएँ में अभिसरण से स्थापित KSY पम्प का निरीक्षण किया। इसी क्रम में निदेशक महोदय ने किसानों से कृषि आय, उत्पादन एवं तकनीकी लाभों पर विस्तृत बातचीत की। इसके पश्चात राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में अधिकारियों ने भाग लिया। वहीं NMEO–तेलहन योजनांतर्गत प्रशिक्षित किसानों के बीच सरसों बीज का वितरण किया गया। रेडवा–गंजूटोली क्षेत्र में अब तक 175 मधुमक्खी बॉक्स अभिसरण के माध्यम से उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि 40 अतिरिक्त बॉक्स जल्द ही वितरण की प्रक्रिया में हैं। सम्पूर्ण भ्रमण का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी अभिसरण, परतदार क्रियान्वयन और समुदाय की सतत आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में हो रहे प्रयासों को प्रदर्शित करना था।



