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Koderama News: मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर एक दिवसीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य NEP 2020 के मूल सिद्धांतों को कक्षा तक पहुंचाना और शिक्षकों को व्यावहारिक रूप से तैयार करना था।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता चंद्र प्रकाश ने ‘समावेशी और योग्यता आधारित शिक्षा’ विषय पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि 21वीं सदी की मांगों के अनुरूप छात्रों को रटने की बजाय समझ और कौशल आधारित शिक्षा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने समावेशी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग, हर क्षमता वाले बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही NEP 2020 का लक्ष्य है। कार्यशाला में इस विषय पर शिक्षकों के बीच समूह चर्चा भी हुई, जिसमें कक्षा में समावेशी माहौल बनाने के व्यावहारिक तरीके साझा किए गए।
श्री प्रकाश ने NEP 2020 के 5 मुख्य सिद्धांतों पर भी खुलकर चर्चा की ।
समावेशी शिक्षा समाज के हर वर्ग, दिव्यांग वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाना। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
योग्यता आधारित शिक्षा रटने की बजाय समझ, तर्क और कौशल पर जोर। बच्चे ‘क्या’ के साथ ‘क्यों’ और ‘कैसे’ सीखें।
10+2 सिस्टम की जगह नया पाठ्यक्रम ढांचा। फाउंडेशन स्टेज से ही खेल और गतिविधि आधारित सीखना।
मातृभाषा में शिक्षा कक्षा 5 तक, संभव हो तो कक्षा 8 तक, पढ़ाई मातृभाषा में। इससे समझ बेहतर होती है।
बहु-विषयक शिक्षा विज्ञान, कला, खेल, व्यावसायिक शिक्षा का संगम। एक ही स्ट्रीम की बाध्यता खत्म।
विद्यालय के प्राचार्य गुरु चरण वर्मा ने NEP 2020 की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह आज के समय की मांग है। आज यदि हम समाज के सभी वर्गों का उत्थान चाहते हैं तो हमें समावेशी शिक्षा को अपनाना ही होगा। शिक्षक ही इस बदलाव के वाहक हैं।
प्राचार्य ने शिक्षकों को इस विषय पर 3 महत्वपूर्ण सुझाव दिए
हर बच्चे को देखें क्लास में कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान दें। यही समावेशी शिक्षा है।
रटाओ मत, समझाओ प्रश्न का उत्तर याद कराने की बजाय कांसेप्ट क्लियर करो। बच्चे तर्क करना सीखें।
बदलाव के वाहक बनें NEP 2020 की सफलता शिक्षकों पर टिकी है। नई तकनीक, नई गतिविधियाँ अपनाएँ।
वहीं विद्यालय की निर्देशिका संगीता शर्मा ने अपने संबोधन में कहा की मॉडर्न पब्लिक स्कूल में शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया जाता है। हमारा संकल्प है कि हर विद्यार्थी अनूप आत्मविश्वास और अनूप मूल्यों के साथ जीवन की हर चुनौती का सामना करे।
कार्यशाला में सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

