World News: नेपाल में साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता खड़ी हो गई है, जब देश की पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट हैक कर ली गई। हैकरों ने वेबसाइट में मौजूद करीब 20 लाख नागरिकों का संवेदनशील डेटा चुरा लिया है। इस डेटा में एफआईआर, ट्रैकिंग जानकारी, नागरिकता प्रमाणपत्र, पासपोर्ट डिटेल्स, व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारियां और पुलिस अधिकारियों की सूचनाएं शामिल हैं।
नेपाल पुलिस के केंद्रीय प्रवक्ता डीआईजी दिनेश आचार्य ने पुष्टि की कि यह साइबर हमला ‘केएजेडयू’ नामक हैकर समूह द्वारा किया गया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि हैकरों ने चुराया गया डेटा डार्क वेब पर अपलोड कर दिया है और इसकी कीमत 7,000 अमेरिकी डॉलर रखी है।
डार्क वेब पर हैकर समूह द्वारा किए गए दावे के अनुसार, उन्होंने नेपाल पुलिस के केंद्रीय डेटा पोर्टल को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह सारा डेटा वर्ष 2025 से संबंधित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह हालिया गतिविधि है और इससे आने वाले समय में और बड़े डेटा लीक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, डेटा चोरी की इस घटना से नेपाल सरकार की चिंता बढ़ गई है और देश की साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल विशेषज्ञों की एक टीम इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिस्टम में इतनी बड़ी सेंध कैसे लगाई गई।



