Jamshedpur News: मोंथा चक्रवात के संभावित प्रभाव को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में आने वाले दो से तीन दिनों तक तेज हवा और भारी बारिश की संभावना पर विशेष चर्चा की गई।

उपायुक्त का निर्देश: एक नवंबर तक अलर्ट मोड

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जिले के सभी नगर निकाय, प्रखंडों और अंचलों के क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 1 नवंबर तक पूर्ण अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जनहानि नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जर्जर सरकारी भवनों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान कर उन्हें तुरंत सील करने को कहा गया।

राहत और बचाव की तैयारियां

चक्रवात से संभावित नुकसान को देखते हुए उपायुक्त ने सभी आश्रय गृहों को सक्रिय मोड में रखने और आवश्यक खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि जिन किसानों या नागरिकों की फसल या घरों को नुकसान पहुंचे, उन्हें तत्काल मुआवजे की प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान और खतरे की श्रेणी

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) रांची केंद्र के अनुसार, मोंथा चक्रवात वर्तमान में पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर सक्रिय है और उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ रहा है। इसके असर से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और आसपास के जिलों में अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।

आईएमडी ने इस स्थिति को “येलो अलर्ट” श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन तत्काल खतरा नहीं है। हालांकि यदि हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ती है, तो इसे “ऑरेंज अलर्ट” में अपग्रेड किया जा सकता है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल की कटाई और भंडारण कार्य कुछ दिनों के लिए स्थगित करें और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

स्वास्थ्य, बिजली और बचाव दल ऑन अलर्ट

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा उपकेंद्रों में पर्याप्त दवाएं और चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। सभी एंबुलेंस को ऑन कॉल स्थिति में तैयार रहने को कहा गया। बिजली विभाग को गिरते पेड़ों, जर्जर पोल और खराब तारों की जल्द मरम्मत करने का आदेश दिया गया। उन्होंने सभी प्रखंडों में स्थानीय कमांड सेंटर स्थापित करने, गोताखोरों, लाइफ जैकेट और रस्सियों जैसे उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा।

जनजागरूकता और समन्वय पर जोर

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया, माइकिंग और स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों को मौसम की स्थिति और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल का योगदान जिला प्रशासन के माध्यम से नियंत्रित रूप से होगा।

अधिकारियों की मौजूदगी और पर्यवेक्षण

बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, रूरल एसपी ऋषभ गर्ग, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) भगीरथ प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, शिक्षा विभाग के अधिकारी, भवन निर्माण और विद्युत विभाग के अभियंता सहित सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि मौजूद थे। वहीं, बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

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