चैनपुर (गुमला): ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने, डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने तथा किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी मिलेट मिशन योजना से जोड़ने के उद्देश्य से चैनपुर पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चैनपुर एवं डुमरी प्रखंड के सभी प्रज्ञा केंद्र (सीएससी) संचालकों के साथ-साथ डुमरी क्षेत्र के वीएलई भी शामिल हुए।
बैठक में सीएससी डिजिटल पंचायत प्रोजेक्ट के मैनेजर मनोज सत्यापती एवं डिवीजनल मैनेजर प्रियंका सिंह ने प्रज्ञा केंद्र संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों को तेज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना सभी संचालकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों को ऑनलाइन सेवाओं से जोड़कर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने संचालकों की विभागीय एवं तकनीकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही आगामी तकनीकी प्रक्रियाओं, नई सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित चैनपुर के ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर राजेंद्र तिर्की ने सरकार की महत्वाकांक्षी मिलेट मिशन योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रज्ञा केंद्र संचालकों को किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि प्रत्येक संचालक अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। इससे किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा तथा मोटे अनाज (मिलेट) की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी संचालकों से सरकारी योजनाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही कहा कि डिजिटल सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ाकर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों प्रखंडों के प्रज्ञा केंद्र संचालकों को नई सरकारी योजनाओं से अवगत कराना, डिजिटल ट्रांजैक्शन में वृद्धि करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी डिजिटल सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना रहा।




