फॉण्ट कनवर्टर NEW

SBU में नवाचार का मंत्र : ई-प्रिस्क्रिप्शन और शोध से बदलेगी दवाइयों की दुनिया

रांची: राजधानी के सरला बिरला विश्वविद्यालय (SBU)में गुरुवार को ‘नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे’ के अवसर पर ‘फार्मा अन्वेषण’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. एमएल श्रॉफ की जयंती को समर्पित इस कार्यक्रम में फार्मेसी क्षेत्र के दिग्गजों ने शिरकत

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: राजधानी के सरला बिरला विश्वविद्यालय (SBU)में गुरुवार को ‘नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे’ के अवसर पर ‘फार्मा अन्वेषण’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. एमएल श्रॉफ की जयंती को समर्पित इस कार्यक्रम में फार्मेसी क्षेत्र के दिग्गजों ने शिरकत की और छात्रों को दवा विज्ञान की नई बारीकियों से अवगत कराया।

दवाइयों की दुनिया में बढ़ती जिम्मेदारी

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने पीसीआई पंजीकरण और आधुनिक समाज में फार्मासिस्ट की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के निबंधक प्रशांत कुमार पांडेय ने युवाओं को ‘सतत सीखने’ (Continuous Learning) के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों द्वारा लिखित एक शोध आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

ई-प्रिस्क्रिप्शन और शोध पर जोर

विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए ‘ई-प्रिस्क्रिप्शन’ और रेगुलेटरी बॉडीज की भूमिका को अहम बताया। कुलपति प्रो. सी जगनाथन ने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत परिणाम आधारित शोध की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में बीआईटी मेसरा के प्रो. के जयराम कुमार ने पारंपरिक चिकित्सा और पेशेवर नैतिकता के संतुलन को जरूरी बताया। इस ज्ञानवर्धक सत्र में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा, प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram