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Home»States»Jharkhand»बाल्टी के भरोसे मांडर थाना! टपकती छत और दरकती दीवारों के बीच जान जोखिम में
Jharkhand

बाल्टी के भरोसे मांडर थाना! टपकती छत और दरकती दीवारों के बीच जान जोखिम में

By Samsul HaqueFebruary 7, 20262 Mins Read
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Mandar, (Ranchi): कहते हैं कि थाना वह जगह है जहां लोग खुद को सुरक्षित महसूस करने आते हैं, लेकिन रांची के मांडर थाने का नजारा इसके बिल्कुल उलट है। यहां की दीवारें दरक चुकी हैं, छत से प्लास्टर झड़ रहा है और बारिश के दिनों में तो पूरा थाना ‘बाल्टी’ के भरोसे चलता है। मांडर थाने का सरकारी भवन अब एक ऐसे ‘डेंजर ज़ोन’ में तब्दील हो चुका है, जहां ड्यूटी करना किसी जंग लड़ने से कम नहीं है।

बाल्टी और प्लास्टिक के सहारे बच रही हैं फाइलें

थाने की स्थिति इतनी दयनीय है कि बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना आम बात है। पुलिसकर्मियों को केस डायरी, कंप्यूटर और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को भीगने से बचाने के लिए बाल्टी लगानी पड़ती है या प्लास्टिक शीट का सहारा लेना पड़ता है। गर्मी हो या सर्दी, छत से अचानक गिरने वाला प्लास्टर यहां तैनात जवानों और अफसरों के लिए हर वक्त सिरदर्द बना रहता है।

महज 17 साल में भवन की ‘उम्र’ पूरी!

हैरानी की बात यह है कि इस भवन का उद्घाटन वर्ष 2009 में हुआ था। भ्रष्टाचार या घटिया निर्माण का आलम देखिए कि महज 17 सालों में ही यह इमारत अपनी आखिरी सांसें गिन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत होती, तो आज सरकारी संपत्ति का यह हाल नहीं होता।

फरियादियों में खौफ, प्रशासन मौन

थाने में अपनी फरियाद लेकर आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी यहां बैठने से कतराते हैं। लोगों को डर सताता है कि कहीं न्याय की उम्मीद में बैठे-बैठे वे किसी हादसे का शिकार न हो जाएं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन की चुप्पी यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है?

इस खबर को भी पढ़ें : मांडर में चोरों का तांडव: 22 खंभों से बिजली तार चोरी, सूखने की कगार पर फसलें

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और गृह विभाग से मांग की है कि या तो इस भवन की युद्ध स्तर पर मरम्मत कराई जाए या फिर एक नए और सुरक्षित थाना भवन का निर्माण हो। आखिर कब तक हमारे रक्षक इस डर के साये में अपनी ड्यूटी निभाने को मजबूर रहेंगे?

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