World News: मालदीव ने वैश्विक स्वास्थ्य इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने घोषणा की है कि मालदीव दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने मां से बच्चे में फैलने वाले तीन प्रमुख संक्रमणों — एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस-बी — का पूरी तरह उन्मूलन कर दिया है।

WHO ने कहा कि यह उपलब्धि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक “स्वास्थ्य परिवर्तन” है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 2019 में मालदीव को एचआईवी और सिफलिस संक्रमण रोकने की मान्यता मिली थी। अब हेपेटाइटिस-बी को भी शामिल कर उसने “ट्रिपल एलिमिनेशन” हासिल कर लिया है।

मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बनी सफलता की कुंजी

मालदीव ने अपना हेल्थ सिस्टम इस तरह तैयार किया है कि 95% से अधिक गर्भवती महिलाओं को नियमित गर्भावस्था देखभाल मिलती है। इसके तहत गर्भावस्था की शुरुआत में ही एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस-बी की जांच की जाती है।

जन्म के शुरुआती 24 घंटों में हर नवजात को हेपेटाइटिस-बी का टीका दिया जाता है और बाद में नियमित वैक्सीनेशन किया जाता है। इस नीति का परिणाम यह हुआ कि 2022 और 2023 में देश में किसी भी नवजात शिशु में एचआईवी या सिफलिस संक्रमण दर्ज नहीं हुआ।

2023 के एक राष्ट्रीय सर्वे में भी पाया गया कि स्कूल में प्रवेश लेने वाले बच्चों में हेपेटाइटिस-बी का कोई मामला नहीं मिला।

दक्षिण एशिया के लिए प्रेरक मॉडल

WHO के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 2024 में लगभग 23,000 गर्भवती महिलाओं में सिफलिस था, जिनसे 8,000 नवजात संक्रमित पैदा हुए। करीब 25,000 एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं को संक्रमण रोकने की दवाएं दी गईं। क्षेत्र में हेपेटाइटिस-बी से प्रभावित लोगों की संख्या लगभग 4.2 करोड़ है। ऐसे में मालदीव की यह उपलब्धि अन्य देशों के लिए प्रेरणा बन सकती है।

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से मिला बल

मालदीव सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों को संक्रमणों के टेस्ट, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन सेवाओं के साथ जोड़ा। इसके अलावा देश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज लागू है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को सभी स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क मिलती हैं।

WHO ने कहा, “मालदीव ने दिखाया है कि मजबूत नीति, सामुदायिक भागीदारी और सार्वभौमिक स्वास्थ्य पहुंच से असंभव को संभव किया जा सकता है।”

हालांकि संगठन ने चेतावनी भी दी कि इस उपलब्धि को बनाए रखना आने वाले वर्षों में चुनौती होगा। WHO ने मालदीव को तकनीकी सहायता प्रदान करने का वादा किया है ताकि यह सफलता स्थायी रह सके।

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