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लोहरदगा की कंपनी अब रिम्स से उठाएगी मेडिकल कचरा, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कमान

रांची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में लंबे समय से विवादों में रहे बायो मेडिकल वेस्ट (जैव चिकित्सा अपशिष्ट) के निस्तारण को लेकर आखिरकार नई व्यवस्था लागू हो गई है। सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के

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रांची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में लंबे समय से विवादों में रहे बायो मेडिकल वेस्ट (जैव चिकित्सा अपशिष्ट) के निस्तारण को लेकर आखिरकार नई व्यवस्था लागू हो गई है। सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान रिम्स प्रबंधन ने शपथ पत्र दाखिल कर जानकारी दी कि अस्पताल में कचरा उठाने का काम अब एक नई एजेंसी को सौंप दिया गया है।

पुरानी कंपनी का कार्यकाल खत्म, नई एजेंसी ने शुरू किया काम

रिम्स ने मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ को बताया कि पिछली कंपनी का अनुबंध 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। अब 1 फरवरी से मेसर्स मेडिकेयर एनवायरमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, लोहरदगा ने बायो मेडिकल वेस्ट के उठाव और वैज्ञानिक तरीके से इसके निस्तारण की कमान संभाल ली है।

अदालत की पिछली फटकार का दिखा असर

उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाइयों में हाईकोर्ट ने रिम्स परिसर में जगह-जगह बिखरे कचरे और प्रबंधन की सुस्ती पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने रिम्स निदेशक को व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र दाखिल कर टेंडर प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया था। इसी दबाव का नतीजा रहा कि रिम्स ने समय रहते नई एजेंसी का चयन कर काम शुरू करा दिया है।

राज्यभर के अस्पतालों पर प्रदूषण बोर्ड की नजर

सुनवाई के दौरान झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) की ओर से अधिवक्ता रिचा संचित ने अदालत को आश्वस्त किया कि राज्य में बायो मेडिकल वेस्ट के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। कई जिलों में नए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं और निजी नर्सिंग होम को भी ‘क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ के तहत कड़ाई से जोड़ा जा रहा है।

अगली सुनवाई 16 फरवरी को

अदालत ने रिम्स के इस कदम को संज्ञान में लेते हुए याचिकाकर्ता (झारखंड ह्यूमन राइट्स कनफेडरेशन) को निर्देश दिया है कि वे 16 फरवरी तक एक संक्षिप्त नोट तैयार करें। इसमें यह देखना होगा कि क्या रिम्स में अब कचरा प्रबंधन नियमों के अनुरूप हो रहा है या अभी भी कुछ खामियां बाकी हैं।

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