Lohardaga News: पठारी क्षेत्र में जो भी वन संपदा है वह धीरे-धीरे नष्ट होती जा रही है। अगर इसी तरह हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में क्षेत्र की हरियाली और वन संपदा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी उक्त मामला लोहरदगा जिला अंतर्गत पेशरार प्रखंड के मन्हे पाट क्षेत्र में देखने को मिला। जहां रात के अंधेरे में लकड़ी माफिया लाखों की सम्पति को नष्ट करने में जुटे हुए है। पठारी क्षेत्र के अलावे यह दृश्य लोहरदगा वन प्रमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में लकड़ी माफिया द्वारा जंगल की अंधाधुंध कटाई जारी है और लकड़ी माफिया पर अंकुश लगाने में विभाग नकाम साबित हो रही है।
प्रतिदिन लाखों रुपये का हो रहा कारोबारी, वन कर्मियों दे रहें संरक्षण
लकड़ी माफिया पर अंकुश नही लगने पर नष्ट हो रही वन संपदा
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जो भी वन संपदा है वह धीरे-धीरे नष्ट होती जा रही है। अगर इसी तरह हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में क्षेत्र की हरियाली और वन संपदा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और इसके जिम्मेदार वन विभाग के अफसर होंगे। साथ ही नाम छुपाने के बात बताते हुए कहा गया कि वन विभाग के कर्मी भी इस अवैध लकड़ी कारोबारी में संलिप्ता है। जिनके संरक्षण में यह कारोबार दिन-रात चल रहा है। नव जीवन में पौधों की जरुरत को देखते हुए हर साल प्रदेश सरकार हरियाली को लेकर पौधारोपण करने के लिए लाखों रुपए का बजट खर्च कर रही है। लेकिन लोहरदगा वन प्रमंडल क्षेत्र में वन जंगल को लकड़ी माफिया सफाया करने में जुटा हुआ है।
पेड़ काटने का निकाला नया तरीका
सूत्र बताते हैं कि लकड़ी माफिया द्वारा एक नया तरीका ढूढ़ लिया गया है। वैसे लोग परमिट के झंझट में नहीं पड़ते है। सीधे पेड़ कटाते हैं यदि बकझक हुई या किसी अधिकारी से सामना हो गया तो थोड़ा जुर्माना कराकर कोरम पूरा कर देते है। और पुलिस विभाग को भी उनका हिस्सा दिया जाता है। जिससे विभाग कर्मी मौन रहते है।



