Pune: महाराष्ट्र के चर्चित लोहागढ़ हत्याकांड में जांच के दौरान लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस का दावा है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी। जांच में सामने आया है कि धक्का देने से ठीक पहले सिया का बैठना कोई संयोग नहीं था, बल्कि यह पहले से तय रणनीति का हिस्सा था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके को इसलिए चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के दौरान सिया खुद केतन की पहुंच से दूर रहे और किसी भी खतरे से बच सके।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चेतन चौधरी ने भी वारदात से पहले अपनी पहचान छिपाने और घटनास्थल तक पहुंचने के लिए पूरी तैयारी की थी। उसने कार के बजाय स्कूटर से यात्रा की, ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसकी मौजूदगी दर्ज न हो सके।

बैठने का संकेत बना हत्या की साजिश का हिस्सा

पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन ने पहले ही तय कर लिया था कि जैसे ही सिया बैठेगी, वही चेतन के लिए हमला करने का संकेत होगा। योजना के अनुसार सिया या तो पानी पीने का बहाना बनाएगी या फिर जूते के फीते बांधने के बहाने बैठ जाएगी। उसके बैठते ही चेतन पीछे से आकर केतन को खाई में धक्का देगा।

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अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका सिर्फ संकेत देने के लिए नहीं था, बल्कि सिया की सुरक्षा को ध्यान में रखकर भी चुना गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों को आशंका थी कि यदि धक्का दिए जाने के दौरान केतन खुद को बचाने के लिए सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसी वजह से पूरी योजना इस तरह तैयार की गई कि सिया वारदात के समय केतन की पहुंच से बाहर रहे।

आरोप है कि 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

स्कूटर से पहुंचा चेतन, रास्ते में बदला हुलिया

जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए कार की जगह स्कूटर का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, वह पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित लोहागढ़ किले तक स्कूटर से गया, ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसकी कार की एंट्री न हो।

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कूटर भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के बाद चेतन उसी स्कूटर से वापस पुणे लौट गया।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि किले पर पहुंचने के बाद चेतन ने अपना हुलिया बदल लिया था। वह हुडी पहनकर किले पर चढ़ा, बाद में हुडी उतारकर काली टी-शर्ट पहन ली और लौटते समय फिर से हुडी पहन ली। पुलिस का मानना है कि यह सब पहचान छिपाने के उद्देश्य से किया गया।

घटनास्थल पर कराया गया सीन रीक्रिएशन

रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची, जहां डमी की मदद से पूरी घटना का सीन रीक्रिएट कराया गया। इसका उद्देश्य 18 जून को हुई घटना के क्रम और आरोपियों के बयानों का मिलान करना था।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वारदात से पहले वे किले पर उपयुक्त स्थान चुनने और पूरी योजना का अभ्यास करने भी पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने अभ्यास किसी अन्य स्थान पर भी किया था या नहीं।

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दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। पुलिस उन्हें अदालत में पेश कर आगे की रिमांड मांग सकती है। इस बीच, शनिवार को पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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