Koderma: कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में बीती रात कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी चालक 40 वर्षीय राजकुमार यादव (पिता- दशरथ यादव) की हत्या कर दी गई। वहीं घटना में उनकी 15 वर्षीया पुत्री सोनिका कुमारी, मां 55 वर्षीया सुधा देवी तथा पिता 60 वर्षीय दशरथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता दशरथ यादव की स्थिति अत्यंत नाजुक है , जिन्हें रिम्स रेफर किया गया है। मां और पुत्री का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही विधायक डॉ. नीरा यादव सदर अस्पताल पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक ने लगाया कि यदि पुलिस पहले से मिल रही शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

कोडरमा थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध

विधायक डॉ नीरा यादव ने बताया कि रात के 8.30 भी राजकुमार मेरे साथ झुमरीतिलैया से लौटा था। उसने शाम को बताया था कि गांव में कुछ लोग मां को गड्ढा में डालकर उसपर मिट्टी भर रहा है। उस समय मैने कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान से फोन पर बात की थी और तुरंत गांव में पुलिस बल भेजने को कहा था। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, ड्यूटी के बाद राजकुमार जब घर पहुंचा उसके थोड़ी देर बाद मुझे खबर मिली कि उसे मारकर बुरी तरह घायल कर दिया है और सदर अस्पताल लाया गया है। जब हम सदर अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो गयी है। घटना में राजकुमार के पिता दशरथ यादव भी गंभीर रूप से घायल हुए जिन्हें रिम्स भेजा गया है और बहुत नाजुक स्थिति है। पुत्री और मां भी घायल है। पूरी घटना सोच समझकर साजिश के साथ अंजाम दिया गया है। इस घटना में कोडरमा थाना प्रभारी की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। वहीं जब मामले की जानकारी कोडरमा एसपी को दी गई तो वे पहुंचे भी नहीं।

ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, आरोपी का घर जलाया

इधर गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने कोडरमा थाना के सामने शव को रखकर रांची पटना मुख्य सड़क को जाम कर दिया।लोगों ने कोडरमा पुलिस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। यहां पुलिस सिर्फ जमीन माफियाओं को जमीन पर कब्जा दिलाने ओर कोयला, बालू आदि की वसूली में ही व्यस्त है। चोरी, अज्ञात महिलाओं की शव बरामदगी जैसे कई मामलों में पुलिस कुछ नहीं कर पायी है।

सड़क जाम में भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी, महामंत्री नरेंद्र पाल, विजय सिंह, राजकुमार यादव, मिथिलेश सिंह, बैजनाथ यादव, दिनेश सिंह, सुनील यादव, संजय पासवान समेत काफी संख्या में ग्रामीण और परिजन शामिल थे। लगभग तीन घंटे बाद एसडीओ निर्मल सोरेन, डीएसपी अरविंद कुमार के पहुंचने और विधायक डॉ नीरा यादव से वार्ता के बाद सड़क जाम हटाया गया। इधर मृतक के शव को अंत्यपरीक्षण के बाद गांव ले जाया गया, जहां आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी भीखन यादव के घर में आग लगा दी, जिसपर मुश्किल से काबू पाया गया। घटना के बाद गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है।

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