Koderma News: कोडरमा के मंडल कारा जेल में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर गांधी जयंती के अवसर पर विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। साथ ही जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर भी संचालित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर माल्यार्पण से हुई।

बंदियों को मुख्यधारा में जोड़ने का आह्वान

मुख्य अतिथि, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ज्योत्स्ना पाण्डेय ने कहा कि जेल में होने वाले हर बंदी को अपराधी मानना उचित नहीं है। उन्होंने बंदियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपराध की दुनिया से निकलकर समाज के मुख्यधारा में आकर स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने अपराध से नफरत करने और अपराधियों से नहीं, इस बात पर भी जोर दिया।

प्ली बारगेनिंग और कानूनी अधिकारों की जानकारी

ज्योत्स्ना पाण्डेय ने प्ली बारगेनिंग की प्रक्रिया समझाई, जिससे दोषी बंदी अपनी सजा कम करा सकते हैं। इसके अलावा, अधिवक्ताओं नवल किशोर, किरण कुमारी, राजेन्द्र मंडल और अरुण कुमार ओझा ने बंदियों के कानूनी अधिकारों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

जेल अदालत और स्वास्थ्य जांच

फिलहाल जेल अदालत का आयोजन किया गया, लेकिन किसी भी बंदी ने आवेदन नहीं दिया, इसलिए किसी की रिहाई नहीं हुई। स्वास्थ्य जांच शिविर में कई बंदियों की जांच की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. अभिषेक कुमार ने किया।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में जेल कर्मियों सहित, सहायक जेलर, पुलिस अधिकारी और अन्य सरकारी कर्मचारी मौजूद थे।

यह शिविर बंदियों की पुनर्वास प्रक्रिया में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो उन्हें भविष्य में बेहतर जीवन जीने के लिए तैयार करता है।

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