Patna: बिहार की राजधानी पटना के बहुचर्चित ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ फायरिंग कांड और कोचिंग संस्थानों के आपसी विवाद से जुड़े मामले में एक नया और बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए देश के जाने-माने शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक ‘खान सर’ ने पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) के लिए याचिका दायर की है। खान सर के वकील की तरफ से यह आवेदन ऑनलाइन माध्यम से कोर्ट में सबमिट किया गया है।

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कोचिंग कैंपस में हुई अंधाधुंध फायरिंग और उसके बाद से जारी इस बड़े विवाद को लेकर सोमवार को अदालत परिसर में दिनभर भारी कानूनी गहमागहमी देखने को मिली। अदालत ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए इस पर सुनवाई के लिए मंगलवार का दिन तय किया है। इसी बीच, इस मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए खान ग्लोबल स्टडीज के दो निजी सुरक्षा गार्डों की नियमित जमानत याचिका पर भी कोर्ट में बहस पूरी हो गई, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

दूसरी ओर, इसी विवाद से जुड़े ‘ज्ञान बिंदु कोचिंग’ के निदेशक रौशन आनंद की जमानत अर्जी पर भी अदालत में दोनों पक्षों की मैराथन दलीलें सुनी गईं। जज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस पर भी अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अब मंगलवार को आने वाले अदालत के फैसलों को इस पूरे कोचिंग विवाद की दिशा तय करने के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट में तीखी बहस और आंदोलन की चेतावनी

अदालत में सुनवाई के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग के वकीलों ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि घटना के वक्त जो फायरिंग हुई थी, वह सिर्फ उग्र भीड़ को नियंत्रित करने या हटाने के लिए अचानक नहीं की गई थी, बल्कि वह एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने कोर्ट के सामने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग पर जोर दिया।

वहीं, दूसरी तरफ ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के मुख्य शिक्षक शशांक पाठक ने अपने निदेशक रौशन आनंद की गिरफ्तारी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि जिन आरोपों के दम पर रौशन आनंद को पुलिस ने पकड़ा है, वे अब तक कोर्ट में साबित नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद उन्हें काफी लंबे समय से जेल (न्यायिक हिरासत) में बंद रखा गया है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रौशन आनंद को जल्द से जल्द रिहा नहीं किया गया, तो उनके हजारों समर्थक और छात्र सड़कों पर उतरकर आमरण अनशन और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

वकील का दावा- खान सर को साजिशन फंसाया गया

इस पूरे कानूनी घटनाक्रम के बीच खान सर के सीनियर एडवोकेट अरविंद कुमार महूआर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अदालत में केस के सभी पहलुओं पर विस्तार से बहस पूरी हो चुकी है और अब गेंद न्यायालय के पाले में है। उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम फैसला पूरी तरह से तथ्यों और कानून के आधार पर ही आएगा।

अधिवक्ता महूआर ने दावा किया कि उनके मुवक्किल खान सर को इस पूरे मामले में एक सोची-समझी साजिश के तहत जानबूझकर घसीटा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर के खिलाफ दर्ज की गई पुलिस एफआईआर पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है, जिसका एकमात्र मकसद समाज में उनकी साफ-सुथरी प्रतिष्ठा और छवि को ठेस पहुंचाना है। वकील ने साफ कहा कि फायरिंग की उस घटना में खान सर की कोई सीधी या परोक्ष भूमिका नहीं थी और उन्हें बेवजह इस विवाद का हिस्सा बनाया जा रहा है।

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आपको बता दें कि इससे पहले बीते शनिवार को भी खान सर की लीगल टीम ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की कोशिश की थी, लेकिन कोर्ट की समय-सीमा खत्म हो जाने की वजह से उस दिन आवेदन जमा नहीं हो सका था। इसके बाद सोमवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए यह अर्जी लगाई गई। इस समय पूरे बिहार के शिक्षा और राजनीतिक गलियारों में इस कोचिंग वॉर की चर्चा है, ऐसे में हर किसी की नजरें मंगलवार को कोर्ट से आने वाले आदेश पर टिकी हैं।

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