रांची: भगवान बिरसा मुंडा बस टर्मिनल (खादगढ़ा) में पिछले दिनों हुई आगजनी की घटनाओं को रांची नगर निगम ने बेहद गंभीरता से लिया है। मंगलवार को अपर प्रशासक संजय कुमार ने बस टर्मिनल परिसर का औचक निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी, बस ओनर एसोसिएशन, संवेदक और चालक शामिल हुए।

सुरक्षा के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

अपर प्रशासक ने स्पष्ट किया कि बस टर्मिनल में यात्रियों और चालकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने निर्देश दिया कि अब बस स्टैंड में खड़ी बसों के दरवाजे बंद रखने होंगे। बस में केवल अधिकृत ड्राइवर या खलासी ही रह सकते हैं, किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होगा। इसके अलावा, बस ओनर एसोसिएशन को सभी चालकों, कंडक्टरों और कर्मियों का पूरा विवरण (डाटा) निगम को सौंपने का आदेश दिया गया है।

तीन दिन में हटेंगी कंडम बसें

टर्मिनल परिसर में जगह घेरने वाली और सुरक्षा के लिए खतरा बनी कंडम (खराब) बसों पर कड़ा फैसला लिया गया है। संचालक और संवेदकों को तीन दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है कि वे अपनी पुरानी बसों को हटा लें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो नगर निगम न केवल जुर्माना लगाएगा, बल्कि उन बसों को जब्त कर स्क्रैपिंग (कबाड़ करने) की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

तकनीक और पुलिस गश्त से होगी निगरानी

परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और खराब स्ट्रीट लाइट्स को तुरंत दुरुस्त करने को कहा गया है। पुलिस की इंफोर्समेंट टीम और होमगार्ड के जवान अब टर्मिनल में नियमित गश्त करेंगे। विशेष रूप से नशा करने वाले तत्वों और अवैध वसूली करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

भविष्य की तैयारी : फायर ब्रिगेड की तैनाती

भविष्य में आगजनी जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम ने अग्निशमन विभाग से पत्राचार करने का निर्णय लिया है, ताकि स्टैंड परिसर में पर्याप्त संसाधन और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात रहे। बैठक के अंत में अपर प्रशासक ने कहा कि नगर निगम इस टर्मिनल को एक आधुनिक और यात्री-अनुकूल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहु सहित नगर निगम और जिला प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित थे।

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