Patna : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में कच्ची कांवरिया पथ पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम तक पूरा क्षेत्र “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज रहा है। इस बीच श्रद्धालुओं की अनोखी कांवड़ें लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
कोलकाता के काशीपुर निवासी शिवभक्त रघुनाथ राय और उनके साथियों की विशाल कांवड़ इस बार मेले में खास चर्चा का विषय बनी हुई है। इस कांवड़ में उज्जैन के महाकालेश्वर की भव्य प्रतिमा लगाई गई है। साथ ही इसमें 100 लीटर गंगाजल से भरा एक बड़ा कलश रखा गया है, जिसे तिरंगे की थीम से सजाया गया है।
रघुनाथ राय ने बताया कि यह कांवड़ पूरी तरह हाथ से तैयार की गई है। इसे बनाने में करीब तीन महीने का समय लगा और इसका वजन लगभग 300 किलोग्राम है। कांवड़ को बांस, रस्सी, तार और अन्य सामग्री से तैयार किया गया है।
इस यात्रा में 25 से 30 शिवभक्त शामिल हैं। भारी वजन के कारण कांवड़ को एक समय में चार लोग मिलकर उठाते हैं। सभी श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जा रहे हैं। उनका लक्ष्य 10 से 12 अगस्त के बीच जलाभिषेक करने का है।
जत्थे के सदस्य बबाई ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वर्ष 2024 से उन्होंने विशाल कलश वाली कांवड़ यात्रा शुरू की है। बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाने के बाद यह जत्था बासुकीनाथ धाम जाएगा और फिर बाबा तारकनाथ के दर्शन के लिए रवाना होगा।
महाकाल की प्रतिमा, 100 लीटर गंगाजल वाला तिरंगा कलश और शिवभक्तों की आस्था से सजी यह कांवड़ श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह यात्रा शिवभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दे रही है।
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