साहिबगंज: झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्य शबनम परवीन की अध्यक्षता में साहिबगंज परिसदन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के प्रभावी क्रियान्वयन, जन-कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और आम जनता से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निपटारा करना था।
बैठक में जिला आपूर्ति, समाज कल्याण, शिक्षा और अन्य संबद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति का विस्तृत ब्यौरा लिया गया। समीक्षा के दौरान शबनम परवीन ने स्पष्ट रूप से कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मूल मकसद समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न और निर्धारित सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर शिकायतों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया गया कि सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन कर 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
समीक्षा बैठक के उपरांत प्रभारी अध्यक्ष ने राजमहल प्रखंड के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार, केंद्रों की साफ-सफाई, रखरखाव, कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और अभिलेखों के संधारण की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान जहां भी खामियां और सुधार की आवश्यकता दिखी, वहां संबंधित कर्मियों एवं अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजमहल प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर मध्याह्न भोजन (MDM) योजना का जायजा लिया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाना तैयार किए जाने की व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। श्रीमती परवीन ने सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र और जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों का भी निरीक्षण किया तथा स्पष्ट किया कि लाभुकों को पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ समय पर सही मात्रा में राशन मिलना चाहिए।
समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त विजय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




