Ranchi: झारखंड में JPSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्र सरकार से बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं बातचीत करें और बैठक के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें।
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सरकार से बातचीत के लिए छात्रों ने क्या शर्त रखी?
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि बुधवार को सरकार का प्रस्ताव लेकर पहुंचे एसडीओ ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे हैं। इसके बाद बैठक की तारीख और समय तय किया जाएगा।
आंदोलन को लेकर छात्रों का क्या कहना है?
छात्रों का आरोप है कि सरकार केवल पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का धरना 13वें दिन भी जारी रहा। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र आमरण अनशन पर हैं। आंदोलनकारी कथित परीक्षा गड़बड़ी की सीबीआई और ईडी जांच की मांग कर रहे हैं।
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JPSC परीक्षा विवाद कैसे शुरू हुआ?
2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया था, जिसमें 2,204 अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए हुआ। मुख्य परीक्षा 18 से 20 जुलाई के बीच प्रस्तावित थी।
रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए। उनका कहना था कि कट-ऑफ जारी नहीं की गई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की ओएमआर शीट वायरल हुई। दावा किया गया कि उसने केवल 48 प्रश्न हल किए, फिर भी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हो गया। रिजल्ट पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए गए। विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने मुख्य परीक्षा रद्द कर दी।
मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?
इस मामले में सीआईडी ने बुधवार देर रात पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अब तक कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
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