फॉण्ट कनवर्टर NEW

झारखंड की नई पहचान: डीएसपीएमयू का बदला नाम, सरकार के फैसले का स्वागत

Ranchi : रांची स्थित मस्जिद-ए-जाफरिया में एक अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें अंजुमन फरोग-ए-उर्दू झारखंड, ऑल इंडिया आइडियल टीचर्स एसोसिएशन और यूनाइटेड मिल्ली फोरम जैसे सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य डीएसपीएमयू (श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय) का नाम

अपनी भाषा में पढ़ें

Ranchi : रांची स्थित मस्जिद-ए-जाफरिया में एक अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें अंजुमन फरोग-ए-उर्दू झारखंड, ऑल इंडिया आइडियल टीचर्स एसोसिएशन और यूनाइटेड मिल्ली फोरम जैसे सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य डीएसपीएमयू (श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय) का नाम बदलकर शहीद वीर बुद्धु भगत विश्वविद्यालय रखे जाने के सरकार के फैसले का स्वागत और समर्थन करना था।

वक्ताओं ने कहा कि झारखंड की धरती शुरू से ही आदिवासी समुदाय के संघर्ष, त्याग, और प्रकृति प्रेम की मिसाल रही है। यहां के लोगों ने हमेशा जंगल, जमीन और जल जैसे संसाधनों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई है। शहीद वीर बुद्धु भगत जैसे जननायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस और बलिदान का परिचय दिया और अब उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना से युवाओं को इतिहास से जोड़ने का एक नया अध्याय जुड़ गया है।

बैठक में यह विचार सामने आया कि झारखंड के गठन के बाद राज्य ने विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह फैसला केवल नाम परिवर्तन नहीं बल्कि जनआकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है।

सभी ने एक मत से कहा कि यह निर्णय शहीद वीर बुद्धु भगत को सच्ची श्रद्धांजलि है और इससे झारखंड की मूल पहचान को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। बैठक में शहर की कई प्रमुख हस्तियों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और सरकार के इस फैसले की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास के नायकों को न भूलते हुए उनके विचारों और संघर्ष को शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाना चाहिए, जिससे युवाओं में आत्मगौरव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram